सड़क हादसे में तड़प रहे घायल युवक के लिए फरिश्ता बने पत्रकार मनोहर सेन, समय पर अस्पताल पहुंचाकर कराया इलाज
खैरागढ़ में सड़क दुर्घटना के बाद घायल युवक सड़क पर मदद के लिए तड़पता रहा। मौके पर मौजूद कुछ लोग सहायता करने के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। इसी दौरान पत्रकार मनोहर सेन और गिरीश सारथी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और उसका इलाज शुरू कराया। उनकी तत्परता ने मानवीय संवेदना और सड़क हादसों में समय पर सहायता के महत्व को सामने रखा।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l दाऊचौरा स्थित मातेश्वरी मेडिकल के पास गुरुवार को सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक काफी देर तक सड़क पर मदद के लिए तड़पता रहा। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन घायल युवक की तत्काल मदद करने के बजाय कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त नजर आए। कई लोग 112 वाहन के पहुंचने का इंतजार करते रहे। इसी दौरान कार्यालय से घर लौट रहे युवा पत्रकार मनोहर सेन और उनके साथी गिरीश सारथी की नजर घटनास्थल पर जुटी भीड़ पर पड़ी। दोनों ने बिना समय गंवाए मौके पर रुककर घायल युवक की स्थिति देखी और उसकी मदद के लिए तत्काल आगे आए।
घायल युवक की पहचान लेखन चंद्रवंशी उम्र 25 वर्ष निवासी कुम्ही के रूप में हुई। सड़क दुर्घटना में उसके नाक पर गंभीर चोट आई थी, जबकि सिर और पैर में भी चोट लगी थी। वह काफी दर्द में था और तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। मौके की स्थिति को देखते हुए मनोहर सेन और गिरीश सारथी ने 112 वाहन का इंतजार करने के बजाय घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। दोनों ने घायल को अपनी स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार शुरू कराया गया और चिकित्सकों से तत्काल इलाज कराने में सहयोग किया।
घटना के दौरान पत्रकार मनोहर सेन और गिरीश सारथी की तत्परता ने यह संदेश दिया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की मदद करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हादसे के बाद घायल को समय पर उपचार मिलना उसकी स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ऐसे समय में अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने या मोबाइल से वीडियो बनाने के बजाय संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद के लिए आगे आना जरूरी है।
मनोहर सेन ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए हर एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में किसी वाहन या सहायता के आने का लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय यदि सुरक्षित तरीके से घायल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है, तो मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवता के नाते संकट में फंसे व्यक्ति की सहायता करना सभी की जिम्मेदारी है।
इस घटना ने सड़क हादसों के दौरान आम लोगों की भूमिका और मानवीय संवेदना की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से उसकी परेशानी कम की जा सकती है। खैरागढ़ की इस घटना में मनोहर सेन और गिरीश सारथी द्वारा दिखाई गई तत्परता ने यह संदेश दिया कि मुश्किल समय में एक छोटी सी मदद भी किसी जरूरतमंद के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।