महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह केवल जागरूकता तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि पोषण को जनआंदोलन बनाने का अवसर है। परिवार, समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। अभियान में लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों का बेहतर पोषण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।
पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय और कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन किया जाएगा। पोषण मेलों के माध्यम से मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियों, दालों, दुग्ध उत्पादों, मेवों और विभिन्न प्रकार के बीजों के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को दैनिक भोजन में प्राकृतिक और किफायती प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मिलने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विविधता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों में नाश्ते और गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित किया जाएगा। भोजन की तैयारी और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और मातृ समितियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इससे बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की सामुदायिक निगरानी भी मजबूत होगी।
अभियान में बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों को विशेष महत्व दिया गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर माताओं और अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य और बाल देखभाल के संबंध में जानकारी दी जाएगी। ‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला’ पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बच्चों में विकासात्मक विलंब की शुरुआती पहचान पर भी ध्यान दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में संदर्भित किया जाएगा।
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रत्येक पात्र गर्भवती और धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा। लंबित आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन, स्वीकृति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मैदानी स्तर पर पात्र महिलाओं को योजना की पात्रता और लाभों की जानकारी देकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
पूरे प्रदेश में पोषण माह की गतिविधियों में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बाल विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत की जाएगी। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम के साथ यह अभियान प्रदेश में सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में संचालित किया जाएगा।