रायपुर के युवा योग प्रतिभा आदित्य राजे सिंह को मिला योग लीजेंड्स अवॉर्ड 2026
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रायपुर के 12 वर्षीय योग प्रतिभा आदित्य राजे सिंह को योग लीजेंड्स अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। योग के क्षेत्र में उनके योगदान और जागरूकता अभियान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी रायपुर के युवा योग प्रतिभा आदित्य राजे सिंह को योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए योग लीजेंड्स अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया
कार्यक्रम में आदित्य राजे सिंह को महापौर मीनल चौबे, सतीश थौरानी तथा एमआईसी सदस्य अनामिका सिंह ने सम्मानित किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी आश्रम की सरिता दीदी, स्वामी जयंत विष्णु भारती, छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महज 12 वर्ष की आयु में आदित्य राजे सिंह ने योग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्हें विश्व के सबसे कम उम्र के योग विषय के पीएचडी धारक के रूप में भी जाना जाता है। इसके साथ ही वे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाणित योग स्वयंसेवक हैं और योग के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आदित्य को इससे पहले विष्णुदेव साय द्वारा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। कम उम्र में मिली यह उपलब्धि उन्हें राज्य के उभरते हुए योग प्रेरणास्रोतों में शामिल करती है।
जानकारी के अनुसार आदित्य पिछले कई वर्षों से योग प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियान से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पांच वर्ष की आयु से ही योग का अभ्यास और प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया था। वर्तमान में वे सरकारी विद्यालयों, किशोर सुधार गृहों और विभिन्न सामाजिक संस्थानों में नियमित रूप से योग सत्र आयोजित करते हैं।
उनका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन, स्वस्थ जीवन” के संदेश के साथ वे बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को योग के लाभों से अवगत करा रहे हैं।
योग लीजेंड्स अवॉर्ड 2026 प्राप्त करने के बाद आदित्य ने इसे अपने परिवार, शिक्षकों और योग गुरुओं का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे योग को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए कार्य करते रहेंगे।
यह सम्मान न केवल आदित्य राजे सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है। कम उम्र में योग के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और उपलब्धियां अन्य बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।