UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धा, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब गायत्री नगर शंकर नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा के लिए रथ निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
इस पावन अवसर पर जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके सान्निध्य में रथ निर्माण हेतु चयनित पवित्र लकड़ी का पूजन किया गया, जो इस प्रक्रिया का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है।
अक्षय तृतीया को सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन आरंभ किए गए कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं। इसी कारण इस दिन रथ निर्माण कार्य का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संकेत माना गया। इस अवसर पर श्री मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह उत्सव समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य करता है, जिसमें श्रद्धालुओं की भागीदारी, कारीगरों की कुशलता और सेवा भाव का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
रथ निर्माण की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि यह कार्य पूरी तरह से पारंपरिक और शास्त्रीय विधियों के अनुसार किया जाता है। लकड़ी के चयन से लेकर अंतिम निर्माण तक हर चरण में धार्मिक नियमों और मान्यताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे रथ यात्रा की दिव्यता और गरिमा बनी रहे।
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जोड़ा जा रहा है। रथ निर्माण की शुरुआत ने क्षेत्र में उत्साह और उमंग का वातावरण बना दिया है, जिससे आगामी रथ यात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में पुरन्दर मिश्रा ने समस्त क्षेत्रवासियों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्री जगन्नाथ जी से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और परंपरा को सशक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। आने वाली रथ यात्रा को लेकर अब पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है, जो इसे और भी भव्य और दिव्य बनाएगा।