नारी सशक्तिकरण पर पुरन्दर मिश्रा का संकल्प: “हर हाल में मिलेगा महिलाओं को उनका अधिकार”
रायपुर में विधायक पुरन्दर मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद नारी सशक्तिकरण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पारित न होने पर खेद जताते हुए महिलाओं को अधिकार दिलाने का संकल्प दोहराया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में नारी सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने अपने कार्यालय में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को गंभीरता से सुना और इसके बाद महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपना स्पष्ट और दृढ़ रुख सामने रखा।
विधायक मिश्रा ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” संसद में पारित न हो पाने पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर बताया, जो राजनीतिक कारणों से साकार नहीं हो सका। उनके अनुसार, यह केवल एक विधेयक नहीं था, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिलाने का एक सशक्त माध्यम था।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की मातृशक्ति से व्यक्त की गई क्षमा याचना को उनकी संवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। मिश्रा ने कहा कि यह कदम दर्शाता है कि केंद्र सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है।
अपने बयान में उन्होंने विपक्षी दलों—कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा—पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने संकीर्ण राजनीतिक सोच के कारण इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित होने से रोका, जो नारी शक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर देशहित और समाजहित का था, लेकिन दुर्भाग्यवश इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा गया।
मिश्रा ने आगे कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए केंद्र सरकार भविष्य में और भी मजबूत कदम उठाएगी। उनके अनुसार, नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक ऐसी आवश्यकता है जो देश के समग्र विकास से सीधे जुड़ी हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज और शासन की प्राथमिकता महिलाओं को उनका उचित स्थान दिलाना होना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व और निर्णय लेने के हर क्षेत्र में समान अवसर मिलना चाहिए, तभी देश वास्तविक अर्थों में प्रगति कर सकता है।
अंत में पुरन्दर मिश्रा ने यह संकल्प दोहराया कि नारी शक्ति को उनका अधिकार दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान ही सशक्त और समृद्ध भारत की नींव है, और इस दिशा में कोई भी बाधा लंबे समय तक टिक नहीं सकती।
यह बयान न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण को लेकर एक मजबूत संदेश भी देता है।