शदाणी दरबार में 66वां वर्सी महोत्सव शुरू, विशाल बाइक रैली के साथ अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक महोत्सव का आगाज

रायपुर स्थित 317 वर्ष प्राचीन शदाणी दरबार तीर्थ में संत राजाराम साहब जी के 66वें वर्सी महोत्सव का शुभारंभ विशाल बाइक रैली के साथ हुआ। 10 से 13 मार्च तक चलने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं, साथ ही प्रवचन, भजन, मेगा मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

Mar 11, 2026 - 16:55
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शदाणी दरबार में 66वां वर्सी महोत्सव शुरू, विशाल बाइक रैली के साथ अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक महोत्सव का आगाज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | राजधानी Raipur स्थित 317 वर्ष प्राचीन आस्था और सेवा के केंद्र Shadani Darbar में परम पूज्य संत Sant Rajaram Sahib के 66वें वर्सी महोत्सव का शुभारंभ भव्य और विशाल बाइक रैली के साथ किया गया। 10 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक महोत्सव इस वर्ष “सेवा वर्ष” के रूप में बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मानवता की सेवा और भारतीय सनातन संस्कृति के प्रतीक माने जाने वाले शदाणी दरबार में इस पावन अवसर पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस महोत्सव का आयोजन वर्तमान पीठाधीश और संत परंपरा के नवम अवतार Dr. Yudhishthir Lal के मार्गदर्शन और सानिध्य में किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में वर्ष भर विभिन्न सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

महोत्सव की शुरुआत लोगों में जागरूकता और उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से 8 मार्च को विशाल बाइक रैली के साथ की गई। यह बाइक रैली शदाणी दरबार तीर्थ से दोपहर 1 बजे प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नगर भ्रमण पर निकली। जगह-जगह श्रद्धालुओं और नागरिकों ने रैली का आत्मीय स्वागत किया। रैली का समापन मोवा स्थित गुरुद्वारे के पास किया गया।

संत राजाराम साहब जी को करुणा, विनम्रता और मानव सेवा की प्रतिमूर्ति माना जाता है। उन्होंने संस्कृत और वेदों की शिक्षा हरिद्वार के कनखल आश्रम में प्राप्त की थी। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर आश्रम के पीठाधीश ने उन्हें वहीं सेवा देने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक यह कहते हुए मना कर दिया कि वे शदाणी दरबार की अमानत हैं और उन्हें सिंध स्थित दरबार की सेवा करनी है। वे जरूरतमंदों की सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते थे और भूखों को भोजन कराकर स्वयं बाद में भोजन करते थे।

66वें वर्सी महोत्सव के दौरान संतों और महामंडलेश्वरों के प्रवचनों की ज्ञान गंगा बहेगी। साथ ही ख्याति प्राप्त भजन गायकों द्वारा भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर समाज सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। 10 से 12 मार्च तक विशाल मेगा मेडिकल कैंप लगाया जाएगा, जिसमें कैंसर जागरूकता, त्वचा रोग, आंखों और दांतों के विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क जांच और परामर्श दिया जाएगा। विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट भी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके अलावा 13 मार्च को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य इस महोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए समाज सेवा के बड़े अभियान के रूप में आगे बढ़ाना है।

इस पावन अवसर पर वृंदावन, हरिद्वार, काशी और केरल सहित देश के विभिन्न स्थानों से कई प्रतिष्ठित संत और विद्वान प्रवचन देने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे यह महोत्सव श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सेवा का एक अनूठा संगम बन गया है।