बिजली दर वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी का बिरगांव में प्रदर्शन, बिजली ऑफिस का किया घेराव

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि के विरोध में बिरगांव बिजली कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने सरकार पर खराब बिजली प्रबंधन और बड़े बकायादारों से वसूली न करने का आरोप लगाया।

Apr 3, 2026 - 11:57
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बिजली दर वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी का बिरगांव में प्रदर्शन, बिजली ऑफिस का किया घेराव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि और बिगड़ती बिजली व्यवस्था के विरोध में आम आदमी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए 2 अप्रैल को बिरगांव स्थित बिजली कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने वितरण कंपनी के एमडी के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी 6 सूत्रीय मांगों को सामने रखा।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बार-बार बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को दर बढ़ाने के बजाय बिजली उत्पादन, वितरण और प्रबंधन में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर तकनीक के कथित दुरुपयोग और लगातार खराब प्रबंधन को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि इन समस्याओं के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ऊर्जा विभाग पूरी तरह से नौकरशाही के प्रभाव में काम कर रहा है, जिससे जनहित की अनदेखी हो रही है।

पार्टी ने हाल ही में लागू किए गए नए टेंडर सिस्टम पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और अधिकारियों की कार्यशैली पर संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और अघोषित कटौती जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगों को स्पष्ट रूप से रखा। इनमें प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने, बिजली विभाग के वर्तमान एमडी को बदलने, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, स्मार्ट मीटर व्यवस्था में सुधार लाने और अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग शामिल है।

इसके साथ ही पार्टी ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि बिजली दर वृद्धि को लागू किया गया और प्रदेश के बड़े बकायादारों से लंबित बिजली बिल की वसूली नहीं की गई, तो 1 मई 2026 के बाद पार्टी कार्यकर्ता स्वयं ऐसे बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने का अभियान चलाएंगे। पार्टी का दावा है कि सरकारी विभागों पर लगभग 3100 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि निजी उद्योगपतियों पर भी हजारों करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है।

इस विरोध प्रदर्शन में सूरज उपाध्याय, मुन्ना बिसेन, दुर्गा झा, अनुषा जोसेफ, कलावती मार्को, स्वाति तिवारी, सीमा झा, जयदीप खनूजा, मिहिर कुर्मी, इमरान खान, पलविंदर पन्नू, राज शर्मा, सागर क्षीरसागर, अजीम खान, शिव शर्मा, मिथलेश साहू, पुनारद निषाद, डॉ. विजय देवांगन, विनोद चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और जनता को राहत देने के लिए किस प्रकार की पहल करती है।