बालोद में ‘साधना सप्ताह’ का शुभारंभ, कर्मयोगी भारत के लक्ष्यों को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प
बालोद जिले में मिशन कर्मयोगी के तहत ‘साधना सप्ताह’ की शुरुआत हुई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य दक्षता व सेवा सुधार के लिए संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत जिले में ‘साधना सप्ताह’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम गुरूर विकासखंड के ग्राम अरमरीकला एवं संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के एनआईसी कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के पहले दिन सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘साधना सप्ताह’ का वाचन किया और ‘कर्मयोगी भारत’ के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि यह पहल सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
‘साधना सप्ताह’ 02 अप्रैल से 08 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक दिन को एक विशेष विषय के साथ मनाया जाएगा, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों को आत्ममंथन और कार्यशैली में सुधार का अवसर मिलेगा।
03 अप्रैल को ‘आत्मचिंतन दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत कार्यशैली का मूल्यांकन करेंगे और विभागीय सुधार के सुझाव प्रस्तुत करेंगे। 04 अप्रैल को ‘सेवा संकल्प दिवस’ आयोजित होगा, जिसमें नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया जाएगा तथा सेवा मानकों की समीक्षा की जाएगी।
05 अप्रैल को ‘नवाचार दिवस’ के तहत कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नए विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा और डिजिटल कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इसके बाद 06 अप्रैल को ‘पारदर्शिता दिवस’ मनाया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
07 अप्रैल को ‘सहयोग दिवस’ के रूप में मनाते हुए टीम भावना और सामूहिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं 08 अप्रैल को ‘समापन दिवस’ के रूप में पूरे सप्ताह की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए जाएंगे।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि ‘साधना सप्ताह’ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे कर्मचारियों में जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना विकसित होगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
जिले में आयोजित यह पहल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत इस प्रकार के आयोजन सरकारी तंत्र को अधिक जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।