रायपुर में कथित धर्मांतरण को लेकर बवाल, थाने में देर रात दो पक्षों का प्रदर्शन, दोनों की शिकायत पर FIR

रायपुर के न्यू आनंद नगर में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। एक युवक ने तीन महिलाओं पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद हिंदू संगठनों के लोग कार्रवाई की मांग को लेकर खमतराई थाने पहुंचे। वहीं मसीही समाज के लोग भी विरोध में थाने पहुंच गए। थाना परिसर में देर रात दोनों पक्षों के बीच प्रदर्शन और तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Aug 23, 2026 - 11:02
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रायपुर में कथित धर्मांतरण को लेकर बवाल, थाने में देर रात दो पक्षों का प्रदर्शन, दोनों की शिकायत पर FIR

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथित धर्मांतरण को लेकर शनिवार रात जमकर विवाद हुआ। न्यू आनंद नगर इलाके में एक युवक द्वारा तीन महिलाओं पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत के बाद हिंदू संगठन के लोग कार्रवाई की मांग को लेकर खमतराई थाना पहुंचे। इसी दौरान मसीही समाज के लोग भी विरोध में थाना परिसर पहुंच गए। दोनों पक्षों के प्रदर्शन के कारण देर रात तक थाना परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

जानकारी के अनुसार, गांधी चौक न्यू आनंद नगर निवासी 32 वर्षीय तरेन्द्र कुमार वर्मा मोबाइल दुकान संचालित करता है। बताया गया कि सुषमा कौशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे की तरेन्द्र से पहले से पहचान थी और तीनों महिलाओं का उसकी मोबाइल दुकान पर आना-जाना था।

युवक ने लगाए धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के आरोप

तरेन्द्र कुमार वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि तीनों महिलाओं ने हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा। शिकायत के मुताबिक, महिलाओं ने यीशु की प्रार्थना करने से दुख-दर्द और बीमारी दूर होने की बात भी कही।

तरेन्द्र ने बताया कि सुषमा ने उसे अपने घर में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए बुलाया था। इसके बाद 21 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे वह सुषमा के घर के पास पहुंचा। शिकायत के अनुसार, वहां करीब 20 से 25 लोग प्रार्थना कर रहे थे।

आरोप है कि इसके बाद सुषमा, लक्ष्मी और सुरेखा ने तरेन्द्र से ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा और प्रार्थना की शक्तियों के बारे में जानकारी दी। घटना के बाद तरेन्द्र ने अपने दोस्तों को पूरी जानकारी दी।

थाने पहुंच गए दोनों पक्ष

मामले में तीनों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर हिंदू संगठन के लोग खमतराई थाने पहुंचे। इसी दौरान मसीही समाज के लोग भी वहां पहुंच गए और उन्होंने विरोध जताया। देखते ही देखते थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

दोनों पक्ष देर रात तक थाना परिसर में मौजूद रहे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों की शिकायतें लीं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

धर्म स्वातंत्र्य कानून के तहत कार्रवाई

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के तहत रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में यह पहली एफआईआर है। पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान मामले की निष्पक्ष जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।