भिलाई बाजार में गहराया बिजली संकट, 24 घंटे में केवल 3 से 5 घंटे बिजली, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

कोरबा जिले के ग्राम पंचायत भिलाई बाजार में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों का आरोप है कि 24 घंटे में केवल 3 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि दिनभर में दर्जनों बार ट्रिपिंग होने से विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और SECL से तत्काल समाधान की मांग की है।

Jul 29, 2026 - 11:11
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भिलाई बाजार में गहराया बिजली संकट, 24 घंटे में केवल 3 से 5 घंटे बिजली, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के ग्रामीण इन दिनों गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे में मुश्किल से 3 से 5 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे घरेलू कार्य, खेती-किसानी, पेयजल व्यवस्था और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, बिजली आपूर्ति होने के बाद भी राहत नहीं मिलती, क्योंकि पूरे दिन में करीब 50 से 100 बार तक बिजली का अप-डाउन होता रहता है। लगातार ट्रिपिंग और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण घरों में लगे टीवी, फ्रिज, पंखे, कूलर, पानी की मोटर, इन्वर्टर सहित अन्य विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि रलिया नर्सरी के पास SECL द्वारा शिफ्ट किया गया बिजली का खंभा बार-बार झुक जाता है और कई बार गिरने की स्थिति तक पहुंच जाता है। उनका आरोप है कि इसी कारण क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है। कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में विद्युत विभाग और SECL प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि झुका हुआ बिजली का खंभा किसी भी समय बड़ा हादसा कर सकता है। यदि समय रहते इसे सुरक्षित तरीके से नहीं बदला गया तो जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बरसात के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोग लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं।

बिजली संकट का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी बिजली की अनियमित आपूर्ति से नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि रात के समय लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से अध्ययन करना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और SECL प्रशासन से नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, लगातार हो रही ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा रलिया नर्सरी के पास स्थित झुके हुए बिजली खंभे को सुरक्षित तरीके से पुनः स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा और क्षेत्र में सामान्य बिजली व्यवस्था बहाल होगी।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें विद्युत विभाग और SECL प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।