ब्लू वाटर खदान हादसे पर AAP का हमला, सूरज उपाध्याय ने खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

नवा रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वाटर खदान में युवक की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रशासन और खदान प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। AAP के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने हादसे के लिए खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने खदानों का सुरक्षा ऑडिट कराने और खतरनाक स्थानों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की भी मांग की।

Aug 23, 2026 - 12:38
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ब्लू वाटर खदान हादसे पर AAP का हमला, सूरज उपाध्याय ने खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नवा रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वाटर खदान में युवक की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रशासन और खदान प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने हादसे को प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

सूरज उपाध्याय ने कहा कि करीब 400 फीट गहरी बताई जा रही ब्लू वाटर खदान में हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए पर्याप्त आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खदान में पहले भी हादसे होने की बात सामने आती रही है, इसके बावजूद सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए।

सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल

AAP नेता ने आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी खदान की गहराई और वहां होने वाले हादसों की जानकारी प्रशासन को पहले से है तो डीप-डाइविंग टीम, आधुनिक गोताखोरी उपकरण और अन्य जरूरी बचाव संसाधनों की व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि हादसे के बाद शव तक पहुंचने में बचाव दल को कठिनाई का सामना करना पड़ा। AAP ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर कमी बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

खदान की अनुमति और क्लोजिंग पर सवाल

सूरज उपाध्याय ने खदान की अनुमति और उसके क्लोजिंग से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि खदान बंद हो चुकी थी तो वहां लोगों की पहुंच रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

उन्होंने कहा कि खदान मालिक और संबंधित माइनिंग इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। खदान क्षेत्र में बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

AAP नेता ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्रवाई और निरीक्षण होते रहे हैं, तो खतरनाक खुली खदान पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।

सभी गहरी खदानों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग

सूरज उपाध्याय ने सरकार से ब्लू वाटर खदान सहित छत्तीसगढ़ की सभी गहरी खदानों और खतरनाक जलाशयों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा गार्ड, चेतावनी बोर्ड और नियमित निगरानी की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हादसे के बाद केवल राहत और बचाव कार्य करना पर्याप्त नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी दुर्घटनाओं को रोकने की भी है। यदि किसी स्थान पर बार-बार हादसे हो रहे हैं और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

मृतक परिवार को 50 लाख मुआवजे की मांग

AAP के मुख्य प्रवक्ता ने ब्लू वाटर खदान हादसे में मृत युवक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने खदान मालिक और माइनिंग इंस्पेक्टर की कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की।

आम आदमी पार्टी ने कहा कि सरकार को इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।