युवा मित्र मंडल कबीरधाम ने वृद्धजनों के साथ मनाया 14वां स्थापना दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी पर फल वितरण कर लिया आशीर्वाद

युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अपना 14वां स्थापना दिवस सेवा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया। संगठन के युवा साथी कवर्धा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां वृद्धजनों के साथ समय बिताकर उनके सुख-दुख साझा किए। इस दौरान फल वितरण किया गया और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया गया। संगठन ने बताया कि 14 वर्ष पहले लोहारा विकासखंड के छोटे से गांव कुआंछारिया में जन्माष्टमी मेले में श्रद्धालुओं को पानी पिलाने से इसकी शुरुआत हुई थी।

Sep 5, 2026 - 11:48
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युवा मित्र मंडल कबीरधाम ने वृद्धजनों के साथ मनाया 14वां स्थापना दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी पर फल वितरण कर लिया आशीर्वाद

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ ने अपने संगठन का 14वां स्थापना दिवस सेवा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया। इस अवसर पर संगठन से जुड़े युवा साथी कवर्धा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां रह रहे वृद्धजनों के साथ समय बिताया। युवाओं ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनके सुख-दुख साझा किए और उन्हें फल वितरित किए। इस दौरान वृद्धजनों का आशीर्वाद भी लिया गया। संगठन से जुड़े सदस्यों ने बताया कि स्थापना दिवस को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय सेवा कार्य से जोड़ने का उद्देश्य समाज के बुजुर्गों के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना को मजबूत करना है।

युवा मित्र मंडल के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी का दिन संगठन के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी अवसर पर 14 वर्ष पहले संगठन की गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। संगठन की शुरुआत लोहारा विकासखंड के एक छोटे से गांव कुआंछारिया में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित मेले से हुई थी। उस समय श्रद्धालुओं को पानी पिलाने की सेवा से संगठन की गतिविधियों का प्रारंभ हुआ था। धीरे-धीरे युवाओं की भागीदारी बढ़ती गई और सेवा कार्यों का दायरा भी विस्तृत होता गया। संगठन का कहना है कि बीते वर्षों में इसी भावना के साथ अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

स्थापना दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम में पहुंचकर युवाओं ने बुजुर्गों के साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान सदस्यों ने वृद्धजनों से बातचीत की और उनके अनुभवों तथा जीवन से जुड़ी बातों को सुना। फल वितरण के दौरान संगठन के सदस्यों ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। युवाओं का कहना था कि बुजुर्ग समाज और परिवार की महत्वपूर्ण धरोहर हैं तथा उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का माध्यम बन सकते हैं। ऐसे अवसर युवाओं और वरिष्ठजनों के बीच संवाद और आत्मीयता को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।

संगठन की ओर से बताया गया कि युवा मित्र मंडल छत्तीसगढ़ की गतिविधियां अब विभिन्न जिलों तक पहुंच चुकी हैं। संगठन अपने उद्देश्यों के तहत हिंदुत्व की शक्ति, सनातन संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर काम करने की बात करता है। संगठन पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज को अपना आदर्श मानते हुए अपने विचारों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने का दावा करता है। इसके साथ ही संगठन की ओर से भारत को संवैधानिक हिंदू राष्ट्र बनाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गांवों को हिंदू ग्राम बनाने जैसे विचारों को अपने उद्देश्यों में शामिल बताया गया है।

युवा मित्र मंडल का कहना है कि संगठन ने अपनी यात्रा की शुरुआत बेहद छोटे स्तर पर सेवा कार्य से की थी, लेकिन समय के साथ युवाओं का जुड़ाव बढ़ा और संगठन का विस्तार विभिन्न क्षेत्रों तक हुआ। जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को पानी पिलाने से शुरू हुई गतिविधियों से लेकर वृद्धजनों के बीच स्थापना दिवस मनाने तक, संगठन अपने कार्यों को सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर आगे बढ़ाने की बात करता है। संगठन के सदस्यों के अनुसार आने वाले समय में भी युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने और अपने निर्धारित उद्देश्यों के लिए सक्रिय रहने का प्रयास जारी रहेगा।

कार्यक्रम में संगठन के प्रांत उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राहुल चौरसिया, हनुमंत दल के प्रांत अध्यक्ष हिंदू दुर्गेश देवांगन, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सागर साहू, जिला उपाध्यक्ष रोहन चंद्रवंशी, मंत्री अंकुश विश्वकर्मा, नगर अध्यक्ष पुरन पाली, हनुमंत दल सह संयोजक दीपक ठाकुर, पुष्कर शुक्ला, गौ प्रमुख, मातृ शक्ति शीतल सोनी और जय श्री सोनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इनके अलावा ओंकार पटेल, चंद्रू चेलक, शुभम तिवारी, तरु शर्मा अमन, देवेंद्र डग्गर और सूरज सौरा समेत बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े युवा साथी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान स्थापना दिवस और जन्माष्टमी के अवसर को लेकर संगठन के सदस्यों में उत्साह दिखाई दिया। युवाओं ने वृद्धजनों के साथ समय बिताकर दिन को यादगार बनाने का प्रयास किया। संगठन की ओर से कहा गया कि किसी भी संस्था की पहचान केवल उसके आयोजनों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी और सेवा भावना से भी होती है। इसी सोच के साथ इस वर्ष स्थापना दिवस को वृद्धजनों के बीच मनाया गया।

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम संगठन की 14 वर्ष की यात्रा से भी जुड़ा रहा। संगठन के मुताबिक 14 वर्ष पहले शुरू हुई सेवा गतिविधियों ने समय के साथ एक व्यापक स्वरूप लिया है। शुरुआत में जहां जन्माष्टमी मेले में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था करने जैसे छोटे सेवा कार्य किए गए, वहीं अब संगठन के कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। स्थापना दिवस पर वृद्धाश्रम पहुंचना इसी क्रम का हिस्सा बताया गया।

वृद्धजनों के साथ समय बिताने के दौरान युवाओं ने उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की। फल वितरण के साथ बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। संगठन से जुड़े सदस्यों का मानना है कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों से जुड़ने और उनके महत्व को समझने का अवसर मिलता है।

युवा मित्र मंडल कबीरधाम ने स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी अब तक की यात्रा को याद करते हुए भविष्य में भी संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों को जारी रखने की बात कही। संगठन के अनुसार युवाओं को सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सेवा कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वृद्धजनों के बीच मनाया गया 14वां स्थापना दिवस इसी सोच का एक उदाहरण रहा, जहां धार्मिक पर्व के साथ सेवा और सम्मान की भावना को भी जोड़ा गया।