शराब दुकान हटाने की मांग पर स्कूली बच्चों का चक्का जाम, एक माह में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़ जिले के लैलूंगा में मुख्य सड़क पर संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर स्कूली छात्र-छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित किया गया, लेकिन एक माह में कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l जिले के लैलूंगा क्षेत्र में मुख्य सड़क पर संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर स्कूली छात्र-छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित किया और शराब दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, लैलूंगा में कई वर्षों से शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान मुख्य मार्ग पर संचालित हो रही है। इसी सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, आम नागरिक और अन्य राहगीर गुजरते हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि शराब दुकान के आसपास शराब सेवन करने वालों की भीड़ लगी रहती है, जिससे कई बार आपत्तिजनक माहौल बन जाता है। ऐसे वातावरण से विशेष रूप से छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
छात्रों का कहना है कि कई बार इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने शराब दुकान को आबादी और मुख्य मार्ग से हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
चक्का जाम के कारण कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने छात्रों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो गया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्पष्ट कहा कि यदि एक माह के भीतर शराब दुकान को मुख्य सड़क से नहीं हटाया गया तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल छात्रों का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक वातावरण से जुड़ा विषय है।
विद्यार्थियों का मानना है कि स्कूल के आसपास और मुख्य मार्ग पर शराब दुकान होने से बच्चों के मानसिक और सामाजिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द उचित निर्णय लिया जाए।
स्थानीय लोगों ने भी छात्रों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्य सड़क पर शराब दुकान संचालित होने से आए दिन अव्यवस्था की स्थिति बनती है। लोगों का कहना है कि यदि दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है तो आम नागरिकों और विद्यार्थियों को राहत मिलेगी तथा क्षेत्र का माहौल भी बेहतर होगा।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर समाधान नहीं निकलता है तो लैलूंगा में इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन होने की संभावना जताई जा रही है।