नकटी तोड़फोड़ मामले पर कांग्रेस का हमला, गरीबों के घर उजाड़ने का लगाया आरोप

नकटी गांव में मकानों की तोड़फोड़ को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि पत्रकार वार्ता से सरकार की कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा, मकानों का पुनर्निर्माण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Jul 6, 2026 - 12:12
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नकटी तोड़फोड़ मामले पर कांग्रेस का हमला, गरीबों के घर उजाड़ने का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नकटी गांव में मकानों की तोड़फोड़ को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भाजपा द्वारा लगातार की जा रही पत्रकार वार्ताओं से गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना चाहिए।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार और भाजपा के नेताओं द्वारा इस मामले में भ्रामक जानकारी दी जा रही है। उनका कहना है कि सरकार के संबंधित विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से यह स्पष्ट हो चुका है कि नकटी क्षेत्र में विधायक आवास बनाने की योजना थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की वहां कोई योजना नहीं थी तो फिर गरीब परिवारों के मकान क्यों तोड़े गए।

कांग्रेस ने दावा किया कि नकटी गांव में 85 मकानों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों को तोड़ने की कार्रवाई अमानवीय, अनैतिक और गैरकानूनी है। पार्टी का कहना है कि बारिश के मौसम में आमतौर पर विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जाती और मानसून के दौरान भूमि सीमांकन जैसे कार्य भी रोक दिए जाते हैं। ऐसे में 29 जून को की गई कार्रवाई पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था किए बिना ही बुलडोजर चलाकर मकान तोड़ दिए। पार्टी का कहना है कि लोगों को अपना सामान हटाने तक का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इसके अलावा जिन स्थानों पर पुनर्वास किया जा रहा है, वे प्रभावितों के मूल निवास से काफी दूर हैं और वहां बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि कई बड़े परिवारों को एक कमरे वाले मकान आवंटित किए गए हैं, जिससे उनके सामने नई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि आवंटन पत्र में जिन मकानों का उल्लेख किया गया है, उनकी लागत का भुगतान कौन करेगा और यदि यह पुनर्वास है तो मकान पूरी तरह निःशुल्क क्यों नहीं दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन मकानों को तोड़ा गया है, उनका पुनर्निर्माण उसी स्थान पर कराया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए और कार्रवाई में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि सरकार उचित कार्रवाई नहीं करती है तो इस मामले को न्यायालय में भी उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस पूरे घटनाक्रम पर नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए प्रभावित परिवारों से माफी मांगने और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि गरीब परिवारों के हितों की रक्षा के लिए वह आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।