भोरमदेव जंगल सफारी बनी छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म की नई पहचान
भोरमदेव जंगल सफारी ने संचालन के पहले ही महीने में छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म को नई पहचान दी है। एक माह में 489 से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे, जिससे स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और वन प्रबंधन समिति को पौने तीन लाख रुपये से अधिक की आय हुई। यह पहल पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास का नया मॉडल बनकर उभरी है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में शुरू की गई भोरमदेव जंगल सफारी ने संचालन के पहले ही महीने में छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म को नई पहचान दिलाई है। प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीवों के शौकीनों और रोमांच पसंद पर्यटकों के लिए यह सफारी तेजी से आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। इस पहल ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और वन प्रबंधन समितियों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित किए हैं