नकटी गांव के पीड़ितों के समर्थन में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तय

नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है। पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस, लोकभवन प्रदर्शन, राज्यपाल से मुलाकात और मुख्यमंत्री निवास घेराव जैसे कार्यक्रमों पर विचार कर रही है। कांग्रेस ने पुनर्वास, मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है।

Jul 6, 2026 - 13:24
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नकटी गांव के पीड़ितों के समर्थन में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तय

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई और प्रभावित परिवारों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की जांच समिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की गई, जिसमें विभिन्न लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार पर दबाव बनाने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, सम्मानजनक पुनर्वास और उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।

बैठक में प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि सबसे पहले पूरे मामले के तथ्यों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा। इसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। साथ ही लोकभवन में प्रदर्शन और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री निवास के घेराव जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।

पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, उचित मुआवजा और उनके खिलाफ दर्ज प्रकरणों की वापसी की मांग को प्रमुखता से उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।

जांच समिति के सदस्य भावेश बघेल ने कहा कि सम्मानपुर-नकटी की घटना केवल गरीब परिवारों के घर टूटने का मामला नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई के बाद मलबे में बेजुबान पशुओं और गौवंश के दबे होने की जानकारी भी सामने आई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक लापरवाही और शासन की संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।

भावेश बघेल ने कहा कि सरकार गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति की बात करती है, लेकिन इस घटना ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी सरकार को स्वीकार करनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने दोहराया कि वह प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। पार्टी का कहना है कि सड़क से लेकर सदन, राजभवन और न्यायालय तक हर लोकतांत्रिक मंच पर पीड़ितों की आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस का दावा है कि न्याय मिलने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में जांच दल के संयोजक धनेन्द्र साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया, विकास उपाध्याय, अनीता शर्मा, श्रीकुमार मेनन, राजेंद्र (पप्पू) बंजारे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और प्रभावित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई और आंदोलन को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर सहमति बनी।