लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुआ बाल संसद चुनाव, छात्रों ने निभाई चुनाव अधिकारियों की जिम्मेदारी
तिल्दा-नेवरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भिंभौरी में बाल संसद चुनाव का लोकतांत्रिक तरीके से आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने मतदान, मतगणना और चुनाव संचालन की जिम्मेदारी स्वयं निभाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l विकासखंड तिल्दा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भिंभौरी में विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से बाल संसद चुनाव का सफल आयोजन किया गया। चुनाव पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने मतदान से लेकर मतगणना तक सभी जिम्मेदारियां स्वयं निभाईं। इस आयोजन ने छात्रों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
विद्यालय में आयोजित इस चुनाव में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, मतगणना कर्मी और मतदाता जैसी सभी भूमिकाएं छात्रों को सौंपी गई थीं। बच्चों ने इन जिम्मेदारियों का गंभीरता और निष्पक्षता के साथ निर्वहन किया, जिससे चुनाव शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विद्यालय के शिक्षकों एवं संकुल समन्वयक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि बाल संसद चुनाव का उद्देश्य केवल प्रतिनिधियों का चयन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ, जिम्मेदारी की भावना और अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास करती हैं।
मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी विद्यार्थियों की देखरेख में पूरी की गई। परिणाम घोषित होने के पश्चात बाल संसद के लिए प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, खेल मंत्री, स्वच्छता मंत्री, उपस्थिति मंत्री तथा अनुशासन एवं न्याय मंत्री सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों का चयन किया गया। निर्वाचित छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने, स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य तुलाराम वर्मा, अरविंद टिकरिया, टी.पी. वर्मा, युवराज वर्मा, ऑरेलिया और प्रवीण ध्रुव सहित विद्यालय का शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और बीआरसीसी ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाल संसद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में नेतृत्व कौशल, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विकासखंड के अन्य विद्यालयों में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर जोर दिया, ताकि छात्र बचपन से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था, जिम्मेदार नागरिकता और सामूहिक नेतृत्व की भावना को समझ सकें।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के नवाचार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।