राहुल गांधी के प्रदर्शन पर अरुण साव का हमला, बोले- नेता प्रतिपक्ष का असंवैधानिक व्यवहार निंदनीय

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए नेता प्रतिपक्ष के आचरण पर सवाल उठाए।

Jul 22, 2026 - 15:52
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राहुल गांधी के प्रदर्शन पर अरुण साव का हमला, बोले- नेता प्रतिपक्ष का असंवैधानिक व्यवहार निंदनीय

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता द्वारा इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

अरुण साव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी वाला पद है। ऐसे पद पर आसीन व्यक्ति से लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री आवास के सामने जिस तरह से प्रदर्शन किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संदेश नहीं देता।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के प्रमुख नेताओं को अपने व्यवहार से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण बनता है और जनता के बीच गलत संदेश जाता है।

दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इसी क्रम में रायपुर स्थित लोक भवन के सामने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में विकास उपाध्याय, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

अरुण साव ने कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध का तरीका संवैधानिक और मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान प्रत्येक जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

उधर कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है तथा वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है। पार्टी का दावा है कि छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार गंभीर नहीं है, इसलिए देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

दिल्ली की घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा राहुल गांधी के प्रदर्शन को अनुचित बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।