अपार आईडी प्रगति, आरटीई मेंटर्स के दायित्व और अर्धवार्षिक परीक्षा रणनीति पर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

कवर्धा में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में अपार आईडी प्रगति, आरटीई मेंटर्स की जिम्मेदारियाँ, अर्धवार्षिक परीक्षा व्यवस्था, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने समयबद्ध क्रियान्वयन और परीक्षा परिणाम सुधार के लिए ठोस निर्देश दिए।

Nov 22, 2025 - 16:56
Nov 22, 2025 - 17:01
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अपार आईडी प्रगति, आरटीई मेंटर्स के दायित्व और अर्धवार्षिक परीक्षा रणनीति पर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

 UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन, परीक्षा परिणाम सुधार और शिक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल, रानी दुर्गावती चौक कवर्धा के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी  एफ.आर. वर्मा ने की। बैठक में डाइट, डीएमसी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक और जिले के समस्त प्राचार्य उपस्थित रहे।

सहायक संचालक डी.जी. पात्रा ने स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अपार आईडी और यू-डाइस पोर्टल की प्रगति की समीक्षा करते हुए संकुल प्राचार्यों और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

एम.आई.एस. प्रशासक  सतीश यदु ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के ड्रॉपआउट रेट कम करने हेतु नियुक्त आरटीई मेंटर्स की जिम्मेदारियों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। मेंटर्स को निजी विद्यालयों में जाकर बच्चों को सतत शैक्षणिक व मानसिक सहयोग देने के निर्देश दिए गए। साथ ही एचआरएमआईएस पोर्टल में ऑनलाइन अवकाश प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी चर्चा की गई।

बैठक में जिले के प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक सभी विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा के केन्द्रीयकृत आयोजन पर सर्वसम्मति बनी। कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य कार्यालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को ब्लूप्रिंट, प्रश्नों के प्रकार, अंक विभाजन, उत्तर लेखन शैली और शब्द सीमा की जानकारी विशेषज्ञों के माध्यम से प्रदान करने पर जोर दिया गया, ताकि समेकित परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके।

बैठक में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उम्मीद कार्यक्रम, नशा मुक्ति अभियान और कोटपा एक्ट (तंबाकू निषेध कानून) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी विद्यालयों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। “मेरा पढ़ाया बच्चा फेल नहीं हो सकता” की अवधारणा पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ, जिसमें कमजोर, पिछड़े एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन कक्षाएं और उपचारात्मक शिक्षण चलाने पर बल दिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी  एफ.आर. वर्मा ने जिले में संचालित नवाचारी पहल “प्रत्येक दिवस एक कालखंड नियमित लेखन अभ्यास कार्यक्रम” की प्रशंसा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों की लेखन क्षमता, गति और त्रुटिरहित लेखन कौशल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर पड़ा है।

अंत में अधिकारियों ने जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सतत प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।