साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, राजनांदगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राजनांदगांव पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक अकाउंट के एक धारक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने और धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन में सहयोग करने का आरोप है। पुलिस ने लोगों से अपने बैंक खाते और दस्तावेज किसी अन्य को उपयोग के लिए न देने की अपील की है।

Jun 10, 2026 - 10:24
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साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, राजनांदगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनांदगांव l साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयुक्त एक म्यूल बैंक अकाउंट धारक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रूपेन्द्र कुमार वर्मा (25 वर्ष) निवासी ग्राम पलान्दुर, ओ.पी. मोहारा, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव के रूप में हुई है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन में की गई। थाना सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में विशेष टीम ने मामले की जांच की।

जांच के दौरान भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन में किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इन खातों के माध्यम से धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को प्राप्त कर आगे अन्य खातों में स्थानांतरित किया जाता था।

पुलिस के अनुसार खाताधारकों और उनके सहयोगियों ने जानते हुए भी इन खातों का उपयोग साइबर अपराध से जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए होने दिया और उससे लाभ प्राप्त किया। इस आधार पर थाना सिटी कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मामले में इससे पहले एक अन्य आरोपी चुम्मन कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। वर्तमान आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा से पूछताछ के दौरान उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर अवैध धनराशि को छिपाने और उसके स्रोत को छुपाने के लिए म्यूल अकाउंट का उपयोग करते हैं। इसके लिए वे लोगों को कमीशन या अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम का उपयोग करते हैं। कई बार लोग अनजाने में और कई बार जानबूझकर ऐसे अपराधों का हिस्सा बन जाते हैं।

राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य वित्तीय दस्तावेज उपयोग के लिए न दें। किसी भी प्रकार के कमीशन, बड़ी रकम या आसान कमाई के लालच में आने से बचें तथा अपने बैंक खाते के लेन-देन की नियमित निगरानी करें।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाता किराए पर देना, कमीशन पर उपलब्ध कराना या बेचना कानूनन अपराध है। गेमिंग, गैंबलिंग, फर्जी ट्रेडिंग, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर ठगी के मामलों में ऐसे खातों का व्यापक उपयोग किया जाता है। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचित करने की सलाह दी गई है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह, उप निरीक्षक राधेश्याम जूरी, आरक्षक प्रकाश कुर्रे, शंकर सिंह मरकाम तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।