धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा वापस लिया जाए, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया समर्थन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी की गलती के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है और नई शिक्षा नीति लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

Jul 25, 2026 - 17:48
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा वापस लिया जाए, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया समर्थन

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए। गजेंद्र यादव का मानना है कि किसी एक व्यक्ति या कर्मचारी की गलती के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराकर इस्तीफा मांगना उचित नहीं है।

गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते हैं। ऐसे में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल उसी आधार पर मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में पेपर लीक जैसी घटना नहीं चाहता और ऐसी घटनाएं पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चिंता का विषय होती हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। विशेष रूप से नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गजेंद्र यादव के अनुसार, नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में काम किया गया है और विद्यार्थियों को आधुनिक, रोजगारोन्मुख तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक देश में चली आ रही पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की क्षमता के अनुरूप शिक्षा प्रणाली विकसित करना है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन में धर्मेंद्र प्रधान का योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उनके नेतृत्व में कई नीतिगत सुधार किए गए।

गजेंद्र यादव ने यह भी कहा कि यदि किसी परीक्षा में कथित अनियमितता या पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा और विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास भी मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में नेतृत्व की निरंतरता आवश्यक है। ऐसे समय में जब शिक्षा व्यवस्था में कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान का अनुभव और कार्यशैली देश के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इसलिए उनका इस्तीफा वापस लिया जाना चाहिए।

गजेंद्र यादव ने विश्वास जताया कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों का हित और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच गजेंद्र यादव का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए उनका इस्तीफा वापस लेने की वकालत की है।