केशकाल में AAP नेता बिरजू सलाम की गिरफ्तारी पर विवाद, आम आदमी पार्टी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ के केशकाल में AAP नेता बिरजू सलाम की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाए हैं और केस वापस लेने की मांग की है।

Jun 16, 2026 - 18:05
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केशकाल में AAP नेता बिरजू सलाम की गिरफ्तारी पर विवाद, आम आदमी पार्टी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर, 16 जून 2026। आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ ने केशकाल ब्लॉक अध्यक्ष बिरजू सलाम की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है और सरकार आलोचना करने वालों की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय झा और प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि बिरजू सलाम ने विधायक जनसंपर्क निधि के कथित दुरुपयोग को लेकर एक वीडियो जारी किया था, जिसके बाद उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। पार्टी का आरोप है कि यह गिरफ्तारी किसी आपराधिक गतिविधि के कारण नहीं, बल्कि जनहित के सवाल उठाने की वजह से की गई है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सरकार के दबाव में काम कर रहा है और आम नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समाज की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक तरफ आदिवासी हितों की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ आदिवासी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर रही है। प्रेस विज्ञप्ति में जेलों में कथित मौतों और हिरासत में लापरवाही के मामलों का भी उल्लेख किया गया और इसे प्रशासनिक विफलता बताया गया।

पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में जेलों में कई कैदियों की मौत के मामले सामने आए हैं, जिनमें आदिवासी समाज से जुड़े लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही पूर्व में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की हिरासत में हुई मृत्यु का भी जिक्र किया गया।

आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने ही नेताओं की आवाज़ दबाने में पीछे नहीं हटती, और विपक्षी नेताओं के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है।

पार्टी ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
पहली, बिरजू सलाम पर दर्ज सभी मामलों को तत्काल वापस लिया जाए।
दूसरी, उनकी गिरफ्तारी के आदेश और आधार का लिखित स्पष्टीकरण सार्वजनिक किया जाए तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
तीसरी, बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में कथित रूप से गलत मामलों में फंसाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी और समाज स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

आम आदमी पार्टी ने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।