बिना मैदा के फूले-फूले भटूरे बनाने की आसान रेसिपी, गेहूं के आटे से मिलेगा हेल्दी स्वाद

अब बिना मैदा के भी घर पर बाजार जैसे फूले-फूले भटूरे बनाए जा सकते हैं। गेहूं के आटे से बने ये भटूरे ज्यादा हेल्दी, नरम और स्वादिष्ट होते हैं। सही आटा गूंथने और कुछ आसान टिप्स अपनाकर इन्हें छोले के साथ परोसा जा सकता है।

Jun 16, 2026 - 17:19
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बिना मैदा के फूले-फूले भटूरे बनाने की आसान रेसिपी, गेहूं के आटे से मिलेगा हेल्दी स्वाद

UNITED NEWS OF ASIA. छोले भटूरे उत्तर भारत का एक बेहद लोकप्रिय व्यंजन है, जिसे लोग नाश्ते और लंच दोनों में बड़े चाव से खाते हैं। आमतौर पर भटूरे मैदा से बनाए जाते हैं, लेकिन आजकल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग मैदा से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में गेहूं के आटे से बने भटूरे एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प साबित हो सकते हैं।

गेहूं के आटे से भटूरे बनाना न केवल आसान है, बल्कि ये स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहतर माने जाते हैं। सही तरीके से तैयार किए गए आटे से भटूरे भी उतने ही मुलायम और फूले-फूले बनते हैं जितने कि बाजार में मिलने वाले मैदा वाले भटूरे।

सबसे पहले आटा गूंथने की प्रक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है। गेहूं के आटे में थोड़ा दही मिलाने से भटूरे नरम और हल्के बनते हैं। दही आटे में हल्की खमीर जैसी प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे भटूरे अच्छी तरह फूलते हैं। इसके साथ एक चम्मच सूजी मिलाने से भटूरे हल्के कुरकुरे और अधिक स्वादिष्ट बनते हैं। आटा गूंथते समय इसे न बहुत सख्त रखें और न बहुत ढीला, बल्कि मध्यम नरम आटा तैयार करें। इसके बाद आटे को ढककर कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए छोड़ दें, ताकि वह अच्छे से सेट हो सके।

भटूरे को फुलाने के लिए एक और महत्वपूर्ण टिप है कि आटे में बहुत कम मात्रा में बेकिंग सोडा या बेकिंग पाउडर मिलाया जाए। इससे भटूरे तेल में डालते ही फूलने लगते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इसकी मात्रा अधिक न हो, वरना स्वाद खराब हो सकता है।

भटूरे बेलते समय उनकी मोटाई भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर भटूरे बहुत पतले होंगे तो वे कुरकुरे हो जाएंगे और अगर बहुत मोटे होंगे तो ठीक से नहीं फूलेंगे। इसलिए मध्यम मोटाई में बेलना सबसे अच्छा रहता है।

अब बात आती है तलने की प्रक्रिया की। तेल का सही तापमान बेहद जरूरी है। अगर तेल ठंडा होगा तो भटूरे तेल ज्यादा सोख लेंगे और भारी लगेंगे। वहीं बहुत ज्यादा गर्म तेल भटूरे को बाहर से जला सकता है। इसलिए मध्यम आंच पर तेल गर्म करके ही भटूरे तलें। भटूरा डालने के बाद हल्के हाथ से कलछी से दबाएं, इससे वे तुरंत फूल जाते हैं और उनका आकार अच्छा बनता है।

गेहूं के आटे से बने भटूरे फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। यही कारण है कि यह मैदा वाले भटूरों की तुलना में ज्यादा हेल्दी विकल्प हैं।

इन्हें गरमा-गरम छोले, अचार और सलाद के साथ परोसकर एक स्वादिष्ट और संतुलित भोजन तैयार किया जा सकता है। जो लोग स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन चाहते हैं, उनके लिए यह रेसिपी एक बेहतरीन विकल्प है।