रायगढ़ में 1200 बोरी अवैध धान जब्त: मंडी व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1200 बोरी अवैध धान जब्त किया। ग्राम उदउदा निवासी कपिल यादव के घर से यह धान मिला, जिसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. रायगढ़। धान खरीदी सीजन से पहले ही रायगढ़ जिले में प्रशासन ने अवैध धान भंडारण पर सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को धरमजयगढ़ क्षेत्र में मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1200 बोरी अवैध धान जब्त किया। यह कार्रवाई ग्राम उदउदा में की गई, जहां एक व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में धान का अवैध भंडारण किया गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ ब्लॉक के ग्राम उदउदा निवासी कपिल यादव ने अपने घर में धान की बोरी का बड़ा जखीरा जमा कर रखा था। मंडी और राजस्व अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि यहां अवैध रूप से धान का स्टॉक तैयार किया गया है, जो आगामी समर्थन मूल्य खरीदी के दौरान बेचा जाने वाला था। सूचना के बाद मंडी निरीक्षक और तहसील अमले ने मौके पर पहुंचकर घर की तलाशी ली। जांच में 1200 बोरी धान बरामद हुआ।
पूछताछ में कपिल यादव संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और न ही खरीदी या परिवहन से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर पाया। इसके बाद टीम ने धान को जब्त कर गांव के उप सरपंच महेंद्र यादव के सुपुर्द किया। कार्रवाई में एसडीएम प्रवीण कुमार, तहसीलदार हितेश कुमार साहू, मंडी विभाग के अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इसी बीच, रायगढ़ जिले में अवैध धान भंडारण की घटनाओं पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। 27 अक्टूबर को खरसिया क्षेत्र के बानीपाथर ओवरब्रिज पर भी एक ट्रेलर से 600 से अधिक बोरी अवैध धान पकड़ा गया था। वाहन चालक और साथी कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद वाहन जब्त कर खरसिया थाना लाया गया।
धरमजयगढ़ एसडीएम प्रवीण कुमार ने चेतावनी दी है कि धान की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसानों को उनका वाजिब हक दिलाने की है। इसी उद्देश्य से विभागीय टीमें गांव-गांव में निगरानी बढ़ा रही हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान केवल पंजीकृत समितियों में ही बेचें और किसी निजी व्यापारी या बिचौलिए के झांसे में न आएं, अन्यथा उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।