संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: दिवंगत कोटवार भूधरदास की पत्नी को 20 दिनों में मिली कोटवारी की जिम्मेदारी

कलेक्टर गोपाल वर्मा की संवेदनशील पहल से दिवंगत कोटवार भूधरदास की पत्नी श्रीमती बासन बाई को मात्र 20 दिनों में कोटवारी की जिम्मेदारी सौंपी गई, ग्रामीणों ने सराहा।

Oct 17, 2025 - 18:54
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संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: दिवंगत कोटवार भूधरदास की पत्नी को 20 दिनों में मिली कोटवारी की जिम्मेदारी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। शासन-प्रशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी संचालित होता है — इसका उदाहरण जिले के सहसपुर लोहारा तहसील के ग्राम दनियाखुर्द (बनिया) में देखने को मिला। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन ने मात्र 20 दिनों में दिवंगत कोटवार भूधरदास की पत्नी बासन बाई को कोटवारी की जिम्मेदारी सौंपकर प्रशासनिक त्वरिता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

स्वर्गीय भूधरदास लंबे समय से ग्राम दनियाखुर्द में कोटवार के रूप में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से कार्य कर रहे थे। उनके आकस्मिक निधन से ग्रामवासियों और परिजनों में गहरा शोक व्याप्त था। इस बीच, श्रीमती बासन बाई ने कोटवारी की जिम्मेदारी ग्रहण करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को तुरंत प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

एसडीएम सहसपुर लोहारा श्रीमती शिल्पा देवांगन के मार्गदर्शन और नायब तहसीलदार श्री हुलेश्वर पटेल के नेतृत्व में रिकॉर्ड समय में संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई। परिणामस्वरूप, मात्र 20 दिनों के भीतर श्रीमती बासन बाई की कोटवार के रूप में नियुक्ति की गई। एसडीएम श्रीमती देवांगन ने स्वयं उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान कर कार्यभार ग्रहण करवाया।

इस अवसर पर श्रीमती शिल्पा देवांगन ने नवनियुक्त कोटवार बासन बाई को ईमानदारी और जनसेवा की भावना से कार्य करने की शुभकामनाएं दीं। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम प्रशासन की मानवीय और जनता-केन्द्रित सोच का सजीव प्रमाण है।

तहसील कोटवार संघ सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष श्री सरोज दास मानिकपुरी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से न केवल भूधरदास के परिवार को संबल मिला है, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।

यह पहल स्पष्ट करती है कि कलेक्टर गोपाल वर्मा के नेतृत्व में कवर्धा जिला प्रशासन संवेदनशील शासन की मिसाल कायम कर रहा है।