नेहा राठौर कानूनी पचड़े में: पहलगाम हमला टिप्पणी मामले में बयान दर्ज कराने थाने पहुंचीं

लोक गायिका नेहा राठौर को पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करने के बाद कानूनी नोटिस मिला है। वे हजरतगंज थाने जाकर बयान दर्ज कराने पहुंचीं, लेकिन समय और प्रक्रिया की वजह से उनका बयान दर्ज नहीं हो सका।

Jan 4, 2026 - 14:42
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नेहा राठौर कानूनी पचड़े में: पहलगाम हमला टिप्पणी मामले में बयान दर्ज कराने थाने पहुंचीं

UNITED NEWS OF ASIA. लखनऊ में लोक गायिका नेहा राठौर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करने के बाद उन्हें कानूनी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार उनका बयान दर्ज कराया जाना आवश्यक था।

नेहा राठौर अपने पति के साथ हजरतगंज थाने पहुंचीं, लेकिन प्रक्रिया की वजह से उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिस ने बताया कि महिलाओं का बयान दिन में ही दर्ज किया जाता है और सूर्यास्त के बाद बयान दर्ज नहीं किया जा सकता। इसी कारण नेहा राठौर लगभग 4 घंटे थाने में रहीं और फिर अपने घर लौट गईं। उन्होंने कहा कि वे अपने बयान को फिर से दर्ज कराने थाने आएंगी।

यह मामला तब उभरा जब लोकगायिका ने सोशल मीडिया पर पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पोस्ट शेयर किया था। कवि अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय सिंह निर्भीक ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। अभय सिंह का आरोप है कि नेहा राठौर का पोस्ट राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, धर्म और जाति के आधार पर सौहार्द बिगाड़ता है और शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करता है।

इस मामले में पुलिस ने नोटिस जारी कर कहा कि उनका बयान दर्ज होना चाहिए। इससे पहले नेहा राठौर स्वास्थ्य खराब होने के कारण थाने नहीं जा पाईं थीं। अब वे बयान दर्ज कराने के लिए फिर से थाने जाएंगी।

मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। कई लोग कह रहे हैं कि कलाकारों और आम नागरिकों को अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि संवेदनशील मामलों पर टिप्पणियों में सतर्कता जरूरी है।

नेहा राठौर का यह मामला यह दिखाता है कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और टिप्पणियों का कानूनी दृष्टिकोण कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। भविष्य में उनका बयान दर्ज कराना और कानूनी प्रक्रिया पूरी करना इस मामले की दिशा तय करेगा।