धौला कुआं BMW हादसा: पुलिस चार्जशीट में खुलासा, समय पर इलाज मिल जाता तो नवजोत सिंह की जान बच सकती थी

दिल्ली के धौला कुआं में सितंबर 2025 में हुए BMW सड़क हादसे की पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में खुलासा हुआ कि नवजोत सिंह कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे और समय पर उचित इलाज मिलने पर उनकी जान बच सकती थी। पुलिस ने आरोपी द्वारा इलाज में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है।

Jan 1, 2026 - 13:16
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धौला कुआं BMW हादसा: पुलिस चार्जशीट में खुलासा, समय पर इलाज मिल जाता तो नवजोत सिंह की जान बच सकती थी

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर/दिल्ली  दिल्ली के धौला कुआं के पास BMW सड़क हादसा मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है। पटियाला हाउस कोर्ट में पेश की गई लगभग 400 पेज की चार्जशीट में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह (52) की मौत समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण हुई। पुलिस के अनुसार नवजोत कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे और यदि उन्हें तत्काल मेडिकल मदद मिलती, तो उनकी जान बच सकती थी।

तेज रफ्तार BMW की जोरदार टक्कर

14 सितंबर की दोपहर लगभग 1:30 बजे, गुरुग्राम निवासी गगनप्रीत मक्कड़ की BMW तेज रफ्तार में मेट्रो पिलर से टकराई, पलटी खाई और नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से भी भिड़ गई। इस हादसे में नवजोत और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुए। नवजोत को वेंकटेश्वरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। चार्जशीट में BMW की स्पीड 100–110 किमी/घंटा बताई गई, जबकि रिंग रोड पर गति सीमा 50 किमी/घंटा है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का खुलासा

चार्जशीट में कहा गया है कि नवजोत सिंह हादसे के बाद कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे। यह जानकारी कोर्ट में आरोपी को जमानत मिलने के समय उठे सवालों का भी जवाब देती है।

इमरजेंसी में जानबूझकर देरी

पुलिस ने आरोप लगाया कि मक्कड़ ने नवजोत और उनकी घायल पत्नी को पास के अस्पतालों की बजाय 20 किमी दूर GTB नगर के नुलाइफ हॉस्पिटल ले जाने का निर्णय किया, जिसमें 23 मिनट लग गए। नुलाइफ हॉस्पिटल छोटे नर्सिंग होम है और यहां इमरजेंसी सुविधाएं सीमित हैं। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल और आरोपी के परिवार में संबंध हैं।

एम्बुलेंस मदद ठुकराई गई

हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे एम्बुलेंस स्टाफ ने मदद की पेशकश की, लेकिन आरोपी ने इसे अस्वीकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह जानबूझकर मदद रोकने का प्रयास था।

चार्जशीट के अनुसार, आरोपी द्वारा मेडिकल दस्तावेजों में हेरफेर की भी कोशिश की गई। अब कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है।