बेमेतरा में सहकारिता गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार, 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ेंगी सहकारी समितियां

बेमेतरा में जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) की बैठक में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने, नई मत्स्य एवं दुग्ध सहकारी समितियों के गठन, वार्षिक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

Jun 30, 2026 - 18:33
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बेमेतरा में सहकारिता गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार, 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ेंगी सहकारी समितियां

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले में सहकारिता आधारित विकास को नई गति देने के उद्देश्य से जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने की, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत जिले में संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का भी प्रभावी जरिया है। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को सहकारिता आंदोलन से जोड़ते हुए जिले की सभी सहकारी समितियों और संबंधित विभागों को व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए। साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखरेख को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ जनभागीदारी का संदेश समाज तक पहुंचे।

बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के लिए राज्य स्तर से जारी वार्षिक गतिविधि कैलेंडर की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यक्रम निर्धारित समय-सीमा में आयोजित किए जाएं और उनमें किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिले की अनाच्छादित एवं अल्पसेवित ग्राम पंचायतों में बहुउद्देश्यीय मत्स्य सहकारी समितियों तथा बहुउद्देश्यीय दुग्ध सहकारी समितियों के गठन और पंजीयन की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों को सहकारिता से जोड़ने, नई समितियों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और सहकारिता आधारित विकास मॉडल को गांव-गांव तक पहुंचाने पर बल दिया।

बैठक में समिति के अन्य एजेंडों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों पर चर्चा के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाकर किसानों, ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। बैठक में लिए गए निर्णयों से आने वाले समय में जिले में सहकारिता गतिविधियों को नई गति मिलने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।