समय-सीमा बैठक में कलेक्टर की सख्ती, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश

बेमेतरा में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार और विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, विलंब या उदासीनता मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Jun 30, 2026 - 18:36
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समय-सीमा बैठक में कलेक्टर की सख्ती, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा और संतुष्टि से किया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार के आवेदन, विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों से जवाबदेही के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल पोर्टल पर प्रकरण बंद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक शिकायतकर्ता को वास्तविक और स्थायी राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करें और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करें। जिन विभागों की रैंकिंग लगातार कम है, उन्हें आगामी समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उनका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे।

सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक आवेदन का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

कार्यालयीन कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यों की गति बढ़ेगी। जिन विभागों में ई-ऑफिस का उपयोग अपेक्षाकृत कम है, उन्हें तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि समय-सीमा (टीएल) के प्रकरणों का निपटारा केवल औपचारिकता के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करने और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।