रायगढ़ जिला जेल के बंदी की मेडिकल कॉलेज में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

रायगढ़ जिला जेल में निरुद्ध एक बंदी की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने जेल के भीतर मारपीट का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है, जबकि जेल प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया है।

Jun 14, 2026 - 11:07
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रायगढ़ जिला जेल के बंदी की मेडिकल कॉलेज में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिला जेल में निरुद्ध एक बंदी की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। बंदी की मौत की खबर मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए, जहां उन्होंने घटना को लेकर नाराजगी जताई और हंगामा किया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान संजय बघेल के रूप में हुई है, जो रायगढ़ जिला जेल में निरुद्ध था। बताया जा रहा है कि उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए।

परिजनों का आरोप है कि संजय बघेल के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। उनका कहना है कि जेल के भीतर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हुई और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।

दूसरी ओर, जेल प्रशासन ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि बंदी के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है और परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने मौत के कारणों को लेकर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और जांच का भरोसा दिलाया।

यह मामला सामने आने के बाद रायगढ़ जिला जेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। हाल के दिनों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता की चर्चा हो रही थी, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारण और किसी संभावित जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। परिजन न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन जांच के निष्कर्षों का इंतजार करने की बात कह रहा है। मामले पर सभी की नजरें आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।