मोदी सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी बढ़ी, देश पर कर्ज बढ़ा और छोटे उद्योग हुए कमजोर : कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर आर्थिक नीतियों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश में आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और कर्ज का बोझ बढ़ा है, जबकि छोटे और मध्यम उद्योगों को नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार की नीतियों का लाभ आम जनता की तुलना में बड़े उद्योगपतियों को अधिक मिला। सत्यप्रकाश सिंह ने केंद्र सरकार से बढ़ते कर्ज, रोजगार सृजन और सार्वजनिक क्षेत्र की स्थिति को लेकर जवाब मांगा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायुपर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में आम जनता पर बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक तंगी का बोझ बढ़ा है, जबकि आर्थिक असमानता में भी इजाफा हुआ है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ आम आदमी और गरीब वर्ग की तुलना में बड़े पूंजीपतियों को अधिक मिला है। उन्होंने दावा किया कि देश की बड़ी आबादी सीमित आय में जीवन यापन करने को मजबूर है, जबकि बड़े उद्योग समूहों की संपत्ति और आय में तेजी से वृद्धि हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने जीएसटी और सरकारी राहत योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और मध्यम वर्ग पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ बढ़ा है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को विभिन्न प्रकार की राहत, रियायत और सब्सिडी का लाभ मिला है। कांग्रेस ने सरकार से आर्थिक नीतियों के वास्तविक लाभार्थियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
सत्यप्रकाश सिंह ने देश पर बढ़ते कर्ज को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 तक देश पर कुल कर्ज करीब 55 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले 12 वर्षों में बढ़कर लगभग 257 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में केंद्र सरकार ने करीब 172 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े स्तर पर कर्ज लिया गया है तो उसका उपयोग किन क्षेत्रों में किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि इस कर्ज से कितने रोजगार पैदा हुए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए और शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कितना निवेश हुआ।
सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर कर्ज लेने के बावजूद देश में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बढ़े। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम कारोबार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की स्थिति भी कमजोर हुई है। कांग्रेस ने सरकार से रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि देश के कोर आर्थिक सेक्टर में यदि रोजगार और छोटे कारोबार से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं तो बढ़ते कर्ज का वास्तविक लाभ किस क्षेत्र को मिला। उन्होंने बड़े कर्जदारों से जुड़े ऋणों, बट्टे खाते में डाले गए कर्ज और कर्जमाफी के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि कांग्रेस आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार से जवाबदेही चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी, छोटे उद्योगों की स्थिति और आर्थिक असमानता पर विस्तृत रिपोर्ट देश के सामने रखने की मांग की।