भाजपा सरकार के राज में शराब की कालाबाजारी बढ़ी, छत्तीसगढ़ शराब का गढ़ बना : कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भाजपा सरकार पर शराब की कालाबाजारी और अवैध बिक्री को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शराब दुकानों की संख्या और शराब की उपलब्धता बढ़ी है तथा कई क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने ओवररेटिंग, नकली शराब और कोचियागिरी को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। वंदना राजपूत ने शराब बिक्री के आंकड़ों का हवाला देते हुए बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का आरोप भी लगाया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रदेश में शराब की बिक्री और कथित कालाबाजारी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शराब की उपलब्धता बढ़ी है और प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी की बात कही थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद शराब की दुकानों और बिक्री व्यवस्था में विस्तार किया गया। कांग्रेस के अनुसार प्रदेश में पहले लगभग 700 देशी और अंग्रेजी शराब दुकानें थीं। अब प्रत्येक देशी शराब दुकान में अंग्रेजी और अंग्रेजी शराब दुकान में देशी शराब उपलब्ध कराने की व्यवस्था के कारण शराब की बिक्री के केंद्रों की संख्या प्रभावी रूप से बढ़ी है। कांग्रेस ने पिछले वर्ष 67 और इस वर्ष 35 नई शराब दुकानों के खुलने का भी दावा किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि साय सरकार के कार्यकाल में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों से सरकारी शराब दुकानों से शराब लेकर गली-मोहल्लों में बेचने और निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वंदना राजपूत ने नकली और अवैध शराब को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने डोंगरगढ़ के बाटलिंग प्लांट में पानी मिलाने की कथित घटना तथा रायगढ़ में नकली शराब की बाटलिंग से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों से शराब की अवैध आपूर्ति की शिकायतें भी बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सामने आती रही हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार के सामने यह सवाल भी रखा कि शराब की एक बोतल रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन यदि शराब की पेटियां लेकर खुलेआम बिक्री किए जाने की शिकायतें हैं तो उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने सरकार से शराब की अवैध बिक्री और कथित कोचियागिरी पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
वंदना राजपूत ने शराब की ओवररेटिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 28 लाख 65 हजार बोतल शराब की बिक्री होती है और कई बोतलों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत है। कांग्रेस ने इसी आधार पर प्रतिदिन करोड़ों रुपये की कथित अतिरिक्त वसूली का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि यदि शराब बिक्री में ओवररेटिंग, नकली शराब और अवैध बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो सरकार को पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रदेश में शराब की बिक्री व्यवस्था की पारदर्शी जांच हो, ओवररेटिंग पर रोक लगाई जाए, अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए और शराब की कालाबाजारी से जुड़े आरोपों पर सरकार सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे।