भाजपा का तिरंगा अभियान केवल दिखावे के लिए, संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के तिरंगा अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा का तिरंगा प्रेम राजनीतिक दिखावा है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास का हवाला देते हुए पूछा कि यदि तिरंगा देश की आन-बान-शान है तो संघ की शाखाओं में इसे नियमित रूप से क्यों नहीं फहराया जाता। शुक्ला ने भाजपा पर राष्ट्रवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि तिरंगे के सम्मान को लेकर कांग्रेस भाजपा से आत्मावलोकन की मांग करती है।

Aug 9, 2026 - 12:32
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भाजपा का तिरंगा अभियान केवल दिखावे के लिए, संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर lभारतीय जनता पार्टी के तिरंगा यात्रा अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के तिरंगा अभियान को राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए देश की आन, बान और शान का प्रतीक है, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा को तिरंगा अभियान चलाने से पहले अपने वैचारिक इतिहास का आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देशवासी गर्व के साथ अपने घरों में तिरंगा फहराते हैं, तो संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा को इस सवाल का जवाब देश की जनता को देना चाहिए।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने साहित्य और प्रकाशनों में तिरंगे को लेकर आपत्तियां व्यक्त की गई थीं। उन्होंने गोलवलकर की पुस्तक बंच ऑफ थॉट्स और संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में प्रकाशित पुराने संदर्भों का उल्लेख करते हुए भाजपा से तिरंगे के प्रति अपने वर्तमान रुख और पुराने वैचारिक दृष्टिकोण के बीच अंतर स्पष्ट करने को कहा।

शुक्ला ने कहा कि तिरंगा देश की स्वतंत्रता, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा वर्तमान समय में तिरंगे को लेकर अभियान चला रही है, जबकि उसके वैचारिक संगठनों के इतिहास में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अलग विचार व्यक्त किए गए थे। कांग्रेस ने इसी आधार पर भाजपा के तिरंगा अभियान की नीयत पर सवाल उठाया है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर का उल्लेख करते हुए हिंदू महासभा और उसके नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। शुक्ला ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में विभिन्न संगठनों और नेताओं की भूमिका को लेकर भाजपा को जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस समय भाजपा के वैचारिक पूर्वजों से जुड़े नेताओं का रुख कांग्रेस और महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन से अलग था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर पुराने विचारों के बावजूद आज भाजपा द्वारा तिरंगा यात्रा निकालना कांग्रेस की नजर में राजनीतिक पाखंड है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तिरंगा किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि तिरंगे को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाने के बजाय राष्ट्रीय ध्वज के प्रति वास्तविक सम्मान और प्रतिबद्धता प्रदर्शित की जाए।

कांग्रेस ने भाजपा से यह भी पूछा कि यदि तिरंगे के प्रति उसका सम्मान वास्तविक है, तो संघ की शाखाओं में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर उसकी नीति क्या है। शुक्ला ने कहा कि तिरंगे को लेकर देश की जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।