सुकमा में 2 करोड़ की बीटी सड़क दो साल में उखड़ी, गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

सुकमा जिले में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी बीटी सड़क महज दो वर्षों में ही जर्जर हो गई है। सड़क की परत उखड़ने से ग्रामीणों में नाराजगी है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने जांच और सुधार का आश्वासन दिया है।

May 2, 2026 - 12:53
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सुकमा में 2 करोड़ की बीटी सड़क दो साल में उखड़ी, गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

UNITED NEWS OF ASIA . रिजेन्ट गिरी, सुकमा l छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जीरमपाल मुतोड़ी मार्ग से फूलबगड़ी मार्ग तक जिला निर्माण समिति द्वारा करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई बीटी सड़क महज दो साल के भीतर ही जर्जर होती नजर आ रही है। सड़क की हालत देखकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, जब इस सड़क का निर्माण किया जा रहा था, तब प्रशासन और ठेकेदार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि इससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ने लगी और अब स्थिति यह है कि कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है।

मौके पर देखने से स्पष्ट होता है कि सड़क की ऊपरी डामर परत कई जगहों से निकल चुकी है, जिससे नीचे की पतली परत दिखाई दे रही है। सड़क के किनारों से गिट्टी बाहर निकल गई है, जिससे रास्ता संकरा और खतरनाक हो गया है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका आरोप है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि आवागमन में हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। वर्तमान में सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है।

इस संबंध में जिला निर्माण समिति के सहायक नोडल अधिकारी रविन्द्र ताती ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार वीएसआर कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी कर दिया गया है और आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

सुकमा में सामने आया यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाली बड़ी राशि का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता पर हमेशा प्रश्नचिह्न बना रहेगा।

फिलहाल, प्रशासन की ओर से जांच और सुधार का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि कब तक इस सड़क की हालत सुधरती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।