यह कार्यक्रम संवाद ऑडिटोरियम, नवा रायपुर में आयोजित हुआ, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं सहयोगी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का उद्देश्य जवाहर लाल दरियो द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं और उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में जवाहर लाल दरियो की कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासित प्रशासनिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि विभाग के विकास और उसकी सकारात्मक छवि निर्माण में जवाहर लाल दरियो का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने बताया कि इतने लंबे कार्यकाल में जवाहर लाल दरियो ने विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इस अवसर पर डॉ. रवि मित्तल द्वारा जवाहर लाल दरियो को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह के दौरान अपर संचालक उमेश मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश के इंदौर से स्थानांतरण के बाद श्री दरियो ने जिस कुशलता से कार्यभार संभाला, वह विभाग के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
संयुक्त संचालक संजीव तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि जवाहर लाल दरियो की सरलता, सहयोगी व्यवहार और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण उन्हें एक आदर्श अधिकारी के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल दरियो ने हमेशा टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विभागीय समन्वय को मजबूत किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपर संचालक आलोक देव ने जवाहर लाल दरियो के जीवन परिचय और उनके सेवाकाल की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जवाहर लाल दरियो ने तकनीकी बदलावों और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच विभाग को समयानुकूल दिशा देने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
अपने उद्बोधन में जवाहर लाल दरियो ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले मार्गदर्शन और सहकर्मियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग में कार्य करते हुए उन्हें सदैव सीखने का अवसर मिला और सभी के सहयोग से ही वे अपने दायित्वों को सफलतापूर्वक निभा सके।
समारोह के अंत में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने जवाहर लाल दरियो को भावभीनी विदाई देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ और सक्रिय भविष्य की कामना की। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।