कृषि विश्वविद्यालय में तीसरी बार पेपर लीक, सरकार के कड़े कदमों के दावे खोखले: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी बार पेपर लीक होने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाती हैं। कांग्रेस ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों के हित में पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है।

Aug 27, 2026 - 08:19
 0  3
कृषि विश्वविद्यालय में तीसरी बार पेपर लीक, सरकार के कड़े कदमों के दावे खोखले: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी बार पेपर लीक होने के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सरकार के उन दावों पर सवाल खड़े करती हैं, जिनमें परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर घटना के बाद जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक का सिलसिला थम नहीं रहा है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रथम वर्ष के फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स विषय का पेपर 19 अगस्त को सुबह 10 बजे आयोजित होना था, लेकिन कांग्रेस के अनुसार परीक्षा से कुछ घंटे पहले सुबह करीब 4 बजे पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र के बाहर पहुंचने की घटना विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश और अपने भविष्य को लेकर चिंता पैदा होना स्वाभाविक है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रथम वर्ष के इस पेपर से पहले द्वितीय वर्ष के दो पेपर भी लीक होने की बात सामने आई थी। उस समय सरकार की ओर से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही गई थी। लेकिन तीसरी बार पेपर लीक होने से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी घटनाएं होना केवल सामान्य प्रशासनिक लापरवाही मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय के सुरक्षित माने जाने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र आखिर बार-बार बाहर कैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी और भूमिका की जांच की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी संगठित तरीके से प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने की गतिविधि हुई है तो उसकी तह तक जाना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की पहचान हो सके।

उन्होंने कहा कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके जिम्मेदारी समाप्त नहीं की जानी चाहिए। कुलपति और विश्वविद्यालय प्रबंधन से लेकर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में ऐसी खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

कांग्रेस ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं। धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि कृषि विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी बार पेपर लीक होना संबंधित विभागों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने दोनों मंत्रियों से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि सरकार को छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पेपर लीक का सीधा असर विद्यार्थियों की मेहनत और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसलिए सरकार को प्रभावित छात्रों को भरोसा दिलाना चाहिए कि उनके साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा संचालित करने और विद्यार्थियों को उचित जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की मांग की।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार को अब केवल बयान जारी करने के बजाय पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करनी होगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।