कबीरधाम की 'सोलर दीदी' बनीं आत्मनिर्भर, 40 महिलाओं को मिला सौर ऊर्जा से स्वरोजगार
कबीरधाम जिले में पहली बार 40 महिलाओं को 'सोलर दीदी' के रूप में सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत प्रशिक्षित महिलाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले ने महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। जिले में पहली बार 40 महिलाओं को 'सोलर दीदी' के रूप में सौर ऊर्जा से जुड़ा स्वरोजगार मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), जिला पंचायत कबीरधाम और CSPDCL (RAPM) रायपुर के सहयोग से शुरू की गई इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया रास्ता खोल दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिलाओं को सौर ऊर्जा उपकरणों की स्थापना और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया गया। वंदे मातरम संकुल संगठन, कवर्धा को सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया, जबकि टाटा कंपनी ने 35 महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गांव-गांव जाकर सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक किया और सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया।
इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। अब तक जिले में करीब 40 घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें ग्राम समनापुर की अंजनी पटेल के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया गया है। इस परियोजना की कुल लागत 1.80 लाख रुपये रही, जिसमें 1.20 लाख रुपये का ऋण संकुल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया, जबकि शेष राशि हितग्राही ने स्वयं वहन की।
महिला स्व सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर (मुफ्त बिजली योजना) के तहत 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना और आसान हो गया है। इससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना और कनेक्शन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना है ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकें।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। वर्तमान में रेखा झारियां, सविता राजपूत और दशमत चेलक सहित कई प्रशिक्षित महिलाएं सोलर पैनल स्थापना का कार्य कर रही हैं। आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़ने की तैयारी है।
सोलर दीदी पहल के माध्यम से कबीरधाम की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार, सम्मान और तकनीकी सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बनकर पूरे प्रदेश में नई पहचान बना रहा है।