अवैध रेत की काली कमाई पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर संकट: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रदेश में कथित अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और अंतर्राज्यीय परिवहन को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान प्रतिबंध के बावजूद कई नदियों से रेत खनन और सड़कों, खेतों तथा सरकारी जमीनों पर अवैध भंडारण की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अवैध रेत कारोबार से पर्यावरण के साथ कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती पैदा हो रही है।

Aug 27, 2026 - 08:17
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अवैध रेत की काली कमाई पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर संकट: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन और कारोबार को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि अवैध रेत की काली कमाई अब पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान भी कई इलाकों में नदियों से रेत का अवैध उत्खनन और उसका परिवहन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सामान्य तौर पर 15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत उत्खनन पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद कांग्रेस के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश के दौरान भी नदियों से रेत निकाले जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मशीनों के जरिए नदी से रेत निकालने के साथ ही प्रतिबंध लागू होने से पहले बड़ी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण कर लिया गया है। यह भंडारण खेतों, गांवों, नदी के कैचमेंट क्षेत्र, सड़कों के किनारे और गोठानों की सरकारी जमीनों पर किए जाने का दावा किया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने रायपुर जिले के समोदा, कुरुद और करमंदी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि महानदी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और रेत भंडारण की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने बिलासपुर में अरपा और शिवनाथ नदी, जशपुर में शंख नदी तथा बलौदाबाजार में भी अवैध रेत भंडारण के मामलों का उल्लेख किया। इसके अलावा दुर्ग की शिवनाथ, बिलासपुर की अरपा और मनियारी, गरियाबंद की पैरी तथा बस्तर क्षेत्र की शबरी, शंखनी, डंकनी, नारंगी और इंद्रावती नदियों में भी अवैध रेत कारोबार को लेकर सवाल उठाए।

सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों तक अवैध रेत की तस्करी की जा रही है। उन्होंने झारखंड की सीमा के साथ उत्तर प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक रेत के अवैध परिवहन का दावा किया। कांग्रेस का आरोप है कि उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण रेत के अवैध कारोबार से जुड़े समूह लगातार सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि अवैध रेत कारोबार से पर्यावरणीय नुकसान के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रेत के कारोबार में बड़े मुनाफे के कारण विवाद और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कोरिया, जांजगीर-चांपा और बलरामपुर सहित कुछ जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें रेत कारोबार से जुड़े विवादों से जोड़ने का दावा किया।

सुरेंद्र वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध रेत कारोबारियों द्वारा खनिज विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने गरियाबंद और बलौदाबाजार में खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट तथा बलरामपुर में पुलिसकर्मी की मौत जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। बस्तर में रेत के कथित अंतर्राज्यीय परिवहन से जुड़ी खबरों को लेकर पत्रकारों पर कार्रवाई के आरोप का भी उन्होंने जिक्र किया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नदी से अवैध तरीके से रेत निकालने से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अवैध उत्खनन और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई करने, नदी क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने तथा रेत के अंतर्राज्यीय परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि रेत खनन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई में कमी के कारण अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। कांग्रेस ने सरकार से अवैध रेत कारोबार पर श्वेत पत्र जारी करने और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।