भाजपा जिला अध्यक्षों की शिकायत से सरकार की पोल खुली, जनता के काम नहीं हो रहे: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा की संगठनात्मक बैठक में जिला अध्यक्षों द्वारा प्रभारी मंत्रियों के कामकाज पर उठाए गए सवालों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के अपने जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं, तो इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिजली, स्मार्ट मीटर, रोजगार, खाद-बीज और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जनता लगातार आंदोलन कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा की संगठनात्मक बैठक में जिला अध्यक्षों द्वारा प्रभारी मंत्रियों के कामकाज को लेकर उठाए गए सवालों को सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के अपने जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं द्वारा जनता से जुड़े मुद्दों पर मंत्रियों की सक्रियता पर सवाल उठाना यह दर्शाता है कि सरकार से केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि उसके अपने कार्यकर्ता भी असंतुष्ट हैं।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा की बैठक के दौरान संगठन महामंत्री की ओर से प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही गई। कांग्रेस नेता के अनुसार इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार के गठन के करीब तीन वर्ष बाद भी कई जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि सत्तारूढ़ दल की संगठनात्मक बैठक में ही जिला अध्यक्षों को अपने क्षेत्र की समस्याओं और प्रभारी मंत्रियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठाने पड़ रहे हैं, तो सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े इन मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार प्रचार के माध्यम से सुशासन और जनहित में काम करने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को मूलभूत सुविधाओं और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार बनने के बाद से प्रदेश के अलग-अलग वर्गों को अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना पड़ा है। उन्होंने किसानों की खाद और बीज से जुड़ी समस्याओं, युवाओं के रोजगार, कर्मचारियों के नियमितीकरण और बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर से जुड़े विरोध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब स्कूलों में शिक्षकों और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विद्यार्थी भी विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर आवाज उठाना सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समय पर समाधान नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और उनके परिवारों में भी असंतोष बढ़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा संगठन की बैठक में सामने आई शिकायतों को सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए कहा कि यदि पार्टी के जिला अध्यक्ष यह कह रहे हैं कि प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों में नहीं पहुंचते और जनता के काम नहीं हो रहे हैं, तो सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों की जिम्मेदारी केवल बैठकों और प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल करनी चाहिए।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। उन्होंने भाजपा सरकार से बिजली, स्मार्ट मीटर, रोजगार, किसानों की समस्याओं, कर्मचारियों की मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार को प्रचार के बजाय जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए और जनता तथा अपने कार्यकर्ताओं की शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करना चाहिए।