नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी का द्वितीय दिवस सांस्कृतिक संध्या और साहसिक गतिविधियों से रहा सराबोर

Summary (संक्षेप) बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के द्वितीय दिवस में एथेनिक फैशन शो, एडवेंचर गतिविधियाँ, वाटर स्पोर्ट्स, कलर पार्टी एवं विविध राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

Jan 11, 2026 - 13:59
 0  19
नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी का द्वितीय दिवस सांस्कृतिक संध्या और साहसिक गतिविधियों से रहा सराबोर

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद । बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के द्वितीय दिवस का आयोजन विविध साहसिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ अत्यंत भव्य रूप से संपन्न हुआ। जंबूरी का दूसरा दिन एथेनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वाटर स्पोर्ट्स, कलर पार्टी तथा बौद्धिक गतिविधियों के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक संध्या से सराबोर रहा।

जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपनी साहसिक एवं बौद्धिक क्षमताओं का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सुमधुर एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। द्वितीय दिवस की सांध्यकालीन बेला पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खण्डेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इन्दरजीत सिंह खालसा ने की। विशिष्ट अतिथियों में जिला मुख्य आयुक्त  राकेश यादव, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष  निवेन्द्र सिंह टेकाम, सुप्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर, भारत स्काउट गाइड के कोषाध्यक्ष श्री हेमंत देवांगन, ग्राम पंचायत दुधली के उप सरपंच श्री मोहित देशमुख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में आयोजित इस भव्य जंबूरी की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपरा और आचार-विचार को जोड़ते हुए आपसी भाईचारा, देशप्रेम एवं सामाजिक सौहार्द्र को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्य मुख्य आयुक्त श्न्ज त सिंह खालसा ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन को अभिनव एवं ऐतिहासिक पहल बताया। वहीं पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर ने इसे सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य एवं बालोद जिले के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम के अंत में जिला मुख्य आयुक्त श्केश यादव ने आभार प्रदर्शन करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान बस्तर संभाग के रोवर रेंजर्स द्वारा बस्तर रेला नृत्य, इंदिरा गांधी संगीत विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों द्वारा सुआ गीत तथा बिलासपुर संभाग के प्रतिभागियों द्वारा मनमोहक छत्तीसगढ़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी लोक कलाओं की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ देकर आयोजन को यादगार बना दिया। देर रात तक रोवर रेंजर्स, स्काउट गाइड एवं आम नागरिक कार्यक्रम का आनंद लेते   रहे |