रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ के दौरान पायलट ने निजी परिस्थितियों और पर्याप्त नींद नहीं मिलने की बात कही। बताया गया कि उसे लंबे समय से नींद से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जांच एजेंसियां अब पायलट की मेडिकल स्थिति, ड्यूटी शेड्यूल और उड़ान से पहले उसके आराम से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रही हैं।
जांच के दायरे में कई अहम पहलू
मामले की गंभीरता को देखते हुए विमानन सुरक्षा से जुड़े अधिकारी फ्लाइट के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट रिकॉर्डिंग, पायलटों की मेडिकल जानकारी, ड्यूटी रिकॉर्ड और विमान के तकनीकी दस्तावेज शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित पायलट पर उड़ान के दौरान नशे की स्थिति में होने की आशंका से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट या निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इन दावों को जांच के स्तर पर ही देखा जा रहा है।
ऑटो पायलट और तकनीकी स्थिति पर भी सवाल
घटना को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स में विमान के ऑटो पायलट सिस्टम से जुड़े दावे भी किए गए हैं। बताया गया कि उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए ऑटो पायलट बंद हुआ और सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला। इसके अलावा विमान के कुछ तकनीकी संकेतकों और हाइड्रोलिक सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, टर्बुलेंस के दौरान विमान को अचानक ऊंचाई में बदलाव का सामना करना पड़ा। हालांकि, विमान की वास्तविक तकनीकी स्थिति और घटना के दौरान हुए बदलावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
17 लोग हुए थे घायल
बताया गया है कि 4 अगस्त को हुई इस घटना में कुल 17 लोग घायल हुए थे, जिनमें यात्री और क्रू सदस्य शामिल थे। टर्बुलेंस के दौरान विमान के अंदर यात्रियों और क्रू को चोटें आईं, जिसके बाद विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।
घटना के बाद एयर इंडिया ने एहतियाती कदम उठाते हुए दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया था। वहीं, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच में पायलट की स्थिति से लेकर विमान के तकनीकी सिस्टम और फ्लाइट संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। फिलहाल सामने आए दावों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टर्बुलेंस की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और उड़ान के दौरान पायलट तथा विमान की स्थिति का उस पर कितना प्रभाव पड़ा।