भाजपा चुनाव चिन्ह के कथित दुरुपयोग पर सख्ती, निर्दलीय जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
बलरामपुर में एक निर्दलीय जनप्रतिनिधि द्वारा भाजपा के चुनाव चिन्ह और नाम के कथित उपयोग का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा संगठन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित जनप्रतिनिधि को पूर्व में नोटिस जारी करने और अब कानूनी व संगठनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू करने की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव चिन्ह और नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर बलरामपुर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक निर्दलीय जनप्रतिनिधि पर अपने लेटर पैड और अन्य दस्तावेजों में भाजपा के चुनाव चिन्ह का उपयोग करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीर मानते हुए भाजपा संगठन ने संबंधित जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित जनप्रतिनिधि जनपद सदस्य हैं और कथित तौर पर अपने आधिकारिक पत्राचार में भाजपा के चुनाव चिन्ह का उपयोग कर रहे हैं। भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति न तो पार्टी का प्राथमिक सदस्य है और न ही संगठन में किसी प्रकार का पदाधिकारी है। इसके बावजूद पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का उपयोग किए जाने से संगठन की पहचान और छवि प्रभावित हो सकती है।
मामले को लेकर भाजपा संगठन ने पहले भी आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि जनवरी माह में संगठन की ओर से संबंधित जनप्रतिनिधि को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ।
विजय सिंह के अनुसार मामला एक बार फिर सामने आने के बाद इसकी जानकारी जिला अध्यक्ष को पत्र के माध्यम से दी गई है। संगठन अब इस प्रकरण में कानूनी और संगठनात्मक स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
भाजपा के महामंत्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नाम, चुनाव चिन्ह और पहचान का अनधिकृत उपयोग चुनाव आयोग के नियमों और राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को किसी दल से जुड़ा हुआ बताकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करता है, तो यह गंभीर विषय है और इस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा अपने नाम और चुनाव चिन्ह के दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है। संगठन का दावा है कि कुछ आवश्यक साक्ष्य प्राप्त भी हो चुके हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोगों की नजरें अब भाजपा संगठन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में संगठन की ओर से उठाए जाने वाले कदम इस मामले की दिशा तय करेंगे।