छोटे बच्चों से एंट्रेंस परीक्षा लेना भेदभावपूर्ण, 11 साल के छात्र ने CM SHRI स्कूलों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की
दिल्ली के 11 वर्षीय छात्र जनमेश सागर ने CM SHRI स्कूलों में कक्षा 6, 7 और 8 में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी। छात्र का कहना है कि यह परीक्षा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम और बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
UNITED NEWS OF ASIA. राजधानी दिल्ली के 11 वर्षीय छात्र जनमेश सागर ने CM SHRI स्कूलों में कक्षा 6, 7 और 8 में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका उनके पिता के माध्यम से दाखिल की गई है। इससे पहले छात्र ने इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहाँ से उन्हें राहत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस परीक्षा प्रक्रिया से शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम की धारा 13 का उल्लंघन होता है, जो प्राथमिक स्तर पर किसी भी तरह की स्क्रीनिंग या प्रवेश परीक्षा पर रोक लगाता है। छात्र का तर्क है कि यह परीक्षा न केवल आरटीई का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का भी हनन करती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा 23 जुलाई 2025 को जारी किया गया प्रवेश परीक्षा सम्बन्धी सर्कुलर पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।