कोलकाता अग्निकांड में 9 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत, सभी इलाज कराने आए थे
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बुधवार तड़के एक चार मंजिला होटल में भीषण आग लगने से 9 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में अधिकांश लोग इलाज कराने के लिए बांग्लादेश से कोलकाता आए थे। हादसे के समय होटल में ज्यादातर लोग सो रहे थे। आग के बाद होटल में धुआं भर जाने से कई लोगों की दम घुटने से मौत हुई। दमकल और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
UNITED NEWS OF ASIA. कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 48 घंटे के भीतर होटल में आग लगने की दूसरी बड़ी घटना सामने आई है। तारापीठ के बाद अब राजधानी कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में बुधवार तड़के एक चार मंजिला होटल में भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सभी बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। घटना के समय होटल में ज्यादातर लोग सो रहे थे। आग लगने के बाद कमरों और संकरे गलियारों में तेजी से धुआं भर गया, जिससे कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक मध्य कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में मिर्जा गालिब स्ट्रीट और फ्री स्कूल स्ट्रीट के पास स्थित शिखेल नामक चार मंजिला होटल में बुधवार तड़के आग लगी। आग लगते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
फायर ब्रिगेड के अनुसार आग मंगलवार आधी रात के बाद करीब 2:45 बजे होटल की तीसरी मंजिल पर लगी। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। आग के बाद होटल में तेजी से धुआं फैल गया। संकरे गलियारों और सीढ़ियों में धुआं भरने के कारण दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में कई लोग झुलस गए और बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में दो महिलाएं और एक नाबालिग बच्ची के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मौतें दम घुटने के कारण हुईं, जबकि कुछ शवों पर जलने के निशान भी मिले हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले सभी 9 लोग बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकांश लोग इलाज कराने के लिए बांग्लादेश से कोलकाता आए थे और इसी होटल में ठहरे हुए थे। घटना के बाद होटल प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थिति का जायजा लेने के लिए फायर मिनिस्टर कौशिक चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की ओर से घटना की जांच की जा रही है। आग लगने के वास्तविक कारण और होटल में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इससे पहले 17 अगस्त को पश्चिम बंगाल के तारापीठ में भी एक होटल में भीषण आग लगी थी। उस घटना में भी 9 लोगों की मौत हुई थी। तारापीठ के चार मंजिला होटल में आग सुबह करीब पांच बजे लगी थी और उस समय अधिकांश मेहमान सो रहे थे। प्रारंभिक तौर पर वहां भी शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह माना गया था। लगातार दो बड़े होटल अग्निकांडों ने पश्चिम बंगाल में होटल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।