विजय माल्या का मोदी सरकार पर अन्याय का आरोप, बोले- सोचता हूं कॉकरोच बन जाऊं
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने भारत सरकार पर उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। माल्या ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय के हलफनामे में 14,131.60 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली और बैंकों को रकम ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी रकम की रिकवरी हो चुकी है तो उन्हें अब तक रिफंड क्यों नहीं मिला। माल्या ने यह भी कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वह भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार और अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भारत सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई और मीडिया में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों पर भी नाराजगी जताई। इसी दौरान उन्होंने कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि कॉकरोच बन जाना बेहतर होगा।
विजय माल्या ने अपने पोस्ट में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल किए गए एक हलफनामे का हवाला दिया। माल्या का दावा है कि इस हलफनामे में 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी और बैंकों को रकम ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को उनकी बात पर भरोसा नहीं है तो वे उनके बयान को नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में कही गई बात पर ध्यान देना चाहिए।
माल्या ने सवाल उठाया कि जब बैंकों के लिए बड़ी रकम की रिकवरी की जा चुकी है तो उनसे यह क्यों नहीं पूछा जा रहा कि उनका रिफंड कब मिलेगा। उन्होंने मीडिया में अपने खिलाफ इस्तेमाल होने वाली भाषा पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि उन्हें शुरुआत से ही धोखेबाज बताकर पेश किया जाता है। माल्या का कहना है कि पूरे मामले को सही अकाउंटिंग और न्याय के नजरिए से देखने की जरूरत है।
विजय माल्या ने खुद को भगोड़ा कहे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह 1992 से यूनाइटेड किंगडम के स्थायी निवासी हैं। उनका दावा है कि वर्तमान में ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वह कानूनी रूप से देश छोड़कर भारत नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि बैंक का बकाया चुकाने का मुद्दा भारत में उनकी शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
माल्या ने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार ने उनके मामले में उन्हें एक तरह से पोस्टर बॉय बनाकर पेश किया और उनके साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि स्थायी निवास और नागरिकता के बीच अंतर समझना जरूरी है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी व्यक्ति से रकम की वसूली केवल उसकी भौतिक मौजूदगी पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए भारतीय स्टेट बैंक समेत कई बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने के आरोप हैं। वह लंबे समय से भारत से बाहर हैं और उनके खिलाफ भारत में कानूनी कार्रवाई चल रही है।
अपने पोस्ट के अंत में माल्या ने अपने ऊपर हुए कथित अन्याय का जिक्र करते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि कॉकरोच बन जाना चाहिए, क्योंकि शायद कॉकरोच की जिंदगी उनसे बेहतर हो। माल्या के इन बयानों के बाद एक बार फिर उनके बैंक कर्ज, ईडी की कार्रवाई और भारत वापसी से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।