कबीरधाम में कुपोषण की रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दिए निर्देश

कबीरधाम कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर कुपोषण की रोकथाम, बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने, गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर एनआरसी में भर्ती कराने तथा पोषण ट्रेकर एप में शत-प्रतिशत एंट्री के निर्देश दिए।

Sep 10, 2026 - 11:09
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कबीरधाम में कुपोषण की रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर जिले में कुपोषण की रोकथाम, बच्चों एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी की जाए।

बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र में शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पहुंच मार्ग, स्वच्छता और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। जहां किसी प्रकार की कमी है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय से जल्द आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तथा बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में कुपोषित और गंभीर कुपोषित बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कुपोषण की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा बच्चों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों यानी एनआरसी की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी एनआरसी में निर्धारित क्षमता के अनुरूप बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने को कहा और निर्देश दिए कि प्रत्येक एनआरसी में कम से कम 10 बच्चों की भर्ती रहे।

उन्होंने अधिकारियों को गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। साथ ही उपचार और पोषण पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने एनआरसी में भर्ती बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार, भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की देखभाल की व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि एनआरसी में बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार और उसकी उपयोगिता से संबंधित वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से साझा किया जाए, ताकि माताओं एवं अभिभावकों को पोषण के प्रति जागरूक किया जा सके।

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि कुपोषण की रोकथाम केवल उपचार तक सीमित नहीं है। इसके लिए परिवार और समुदाय की जागरूकता भी बेहद जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को माताओं को संतुलित आहार, स्तनपान, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार के संबंध में लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए गए। मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी के साथ उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए जिम्मेदारी से कार्य करने को कहा गया।

बैठक में जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को आवश्यक जांच, उपचार, दवाइयां और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन, दवाइयों, उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा।

कलेक्टर ने पोषण ट्रेकर एप में सभी आवश्यक जानकारियों की शत-प्रतिशत और समय पर एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए पोषण ट्रेकर में जानकारी नियमित रूप से अपडेट होना जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों और हितग्राहियों से संबंधित जानकारी समय पर दर्ज की जाए। उन्होंने दोनों विभागों को बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण विभाग बताते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।