विश्व ईवी दिवस की शुरुआत वर्ष 2020 में वैश्विक मीडिया कंपनी Green.TV और प्रौद्योगिकी कंपनी ABB के सहयोग से हुई थी। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे लोगों तक पहुंचाना और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को प्रोत्साहित करना था। शुरुआत से ही इस पहल को अलग-अलग देशों, वाहन निर्माताओं और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी संस्थाओं का समर्थन मिला। इसके बाद हर वर्ष इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, तकनीकी विकास और टिकाऊ परिवहन को लेकर चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता रहा है।
वर्ष 2026 में विश्व ईवी दिवस की थीम “Switching Electric: Driving Down the Cost of Motoring” रखी गई है। इसका फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प के तौर पर देखने के बजाय उन्हें आम उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से अधिक किफायती और व्यावहारिक बनाने पर है। आज वाहन खरीदते समय ग्राहक केवल वाहन की कीमत पर ध्यान नहीं देते, बल्कि ईंधन, रखरखाव और रोजाना के संचालन पर आने वाले खर्च को भी देखते हैं। ऐसे में ईवी की कम परिचालन लागत इसे उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बना रही है।
बैटरी तकनीक में लगातार हो रहे सुधार, इलेक्ट्रिक वाहनों के स्थानीय स्तर पर निर्माण और बाजार में नए मॉडल आने से ईवी क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। बेहतर बैटरी क्षमता और चार्जिंग नेटवर्क में वृद्धि से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उपभोक्ताओं की व्यावहारिक चिंताओं को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और अलग-अलग क्षेत्रों में किफायती विकल्पों की उपलब्धता अभी भी इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी FADA के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में देशभर में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 52.9 प्रतिशत की वृद्धि बताई गई है। दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग भारतीय बाजार में ईवी की बढ़ती स्वीकार्यता की ओर संकेत करती है। ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इलेक्ट्रिक वाहनों के अपेक्षाकृत कम परिचालन खर्च को भी इसकी एक वजह माना जा रहा है।
परिवहन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। विश्व ईवी दिवस इसी बदलाव को गति देने का अवसर प्रदान करता है। आने वाले समय में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, बैटरी तकनीक में सुधार, स्थानीय विनिर्माण और किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल ईवी को मुख्यधारा की मोबिलिटी का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, उपभोक्ताओं के लिए भरोसेमंद और सुविधाजनक चार्जिंग व्यवस्था विकसित करना भी इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग के लिए जरूरी होगा।