चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी का खतरा बढ़ा, रतलाम पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगों द्वारा फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। रतलाम पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही बुकिंग करने की सलाह दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l धार्मिक आस्था से जुड़ी चारधाम यात्रा अब साइबर ठगों के निशाने पर आ गई है। यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यमों से हेलीकॉप्टर, होटल, टैक्सी और टूर पैकेज की बुकिंग करते हैं, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए रतलाम पुलिस ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम सेल द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को आकर्षक ऑफर दिए। ये वेबसाइट्स दिखने में पूरी तरह असली जैसी लगती हैं, जिससे आम लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।
ठग हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल रिजर्वेशन, गेस्ट हाउस और टैक्सी सेवा के नाम पर सस्ते पैकेज का लालच देते हैं। जैसे ही व्यक्ति इन ऑफर्स के झांसे में आकर ऑनलाइन भुगतान करता है, उसे नकली टिकट या बुकिंग रसीद भेज दी जाती है। इसके बाद ठग मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं या संपर्क से बाहर हो जाते हैं। इस तरह श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यात्रा में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रतलाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग करते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय वेबसाइट या एजेंसी का ही उपयोग करना चाहिए। अनजान लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन या व्हाट्सऐप मैसेज पर भरोसा करने से बचना बेहद जरूरी है।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। यदि कोई ऑफर बहुत सस्ता या जल्दबाजी में निर्णय लेने का दबाव बना रहा हो, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा OTP, बैंक डिटेल्स और अन्य निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। आपात स्थिति में 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल करना चाहिए, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे न केवल स्वयं जागरूक रहें, बल्कि अपने परिवार और परिचितों को भी इस प्रकार की ठगी के बारे में जानकारी दें। सामूहिक जागरूकता से ही इस तरह के साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।