बालोद में राजस्व पखवाड़ा शिविरों से ग्रामीणों को मिला जमीन का अधिकार, 1296 हितग्राहियों को वितरित हुए अभिलेख
बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा के तहत 12 गांवों के 1296 ग्रामीणों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। स्वामित्व योजना के माध्यम से लोगों को उनकी संपत्ति पर वैधानिक अधिकार मिल रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद । जिले में संचालित राजस्व पखवाड़ा अभियान ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है। लंबे समय से अपनी जमीन के वैधानिक अधिकार का इंतजार कर रहे लोगों का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों में ग्रामीणों को उनके जमीन के अधिकार अभिलेख वितरित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति पर स्पष्ट और कानूनी स्वामित्व प्राप्त हो रहा है।
अब तक जिले के 12 गांवों के कुल 1296 हितग्राहियों को उनके अधिकार अभिलेख सौंपे जा चुके हैं। यह कार्य राज्य शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवादों को समाप्त करना और लोगों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट अधिकार प्रदान करना है।
इस योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का आधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया है। इस सर्वे में प्रत्येक घर, मकान और बाड़ी का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इसके आधार पर तैयार किए गए अधिकार अभिलेख ग्रामीणों को वितरित किए जा रहे हैं, जिससे जमीन संबंधी विवादों में कमी आने की संभावना है।
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के 669 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरी तरह पूर्ण हो चुका है, जबकि अभी भी 657 ग्रामों में अधिकार अभिलेख वितरण का कार्य शेष है। प्रशासन इन क्षेत्रों में भी जल्द से जल्द अभिलेख वितरण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
राजस्व पखवाड़ा के तहत 01 अप्रैल से 15 जून 2026 तक चल रहे अभियान में प्रशासन ने 142 गांवों के 23,157 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को मौके पर ही दस्तावेज प्रदान किए जा रहे हैं।
अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे। इससे न केवल उनकी संपत्ति का कानूनी प्रमाण मिलेगा, बल्कि बैंक से ऋण लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भूमि संबंधी विवादों के समाधान में भी आसानी होगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि हर ग्रामीण को उसकी जमीन का अधिकार मिल सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सभी पात्र हितग्राहियों तक यह सुविधा पहुंचाई जाए और उन्हें उनके अधिकारों से सशक्त बनाया जाए।
कुल मिलाकर, बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा और स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे न केवल विवादों में कमी आएगी, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।