बालोद में ‘ज्ञान भारतम्’ पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान शुरू, प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर जोर

बालोद जिले में ‘ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।

Apr 9, 2026 - 12:27
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बालोद में ‘ज्ञान भारतम्’ पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान शुरू, प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार ‘ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ की शुरुआत की गई है। इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य जिले में उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण करना है, ताकि देश की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।

इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व समिति का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिला प्रशासन ने अभियान के संचालन हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत सुनील चंद्रवंशी को नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इनके नेतृत्व में सर्वेक्षण कार्य को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अभियान के तहत हाल ही में जिला पंचायत कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद पंचायतों के सीईओ, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी ने सभी अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि ‘ज्ञान भारतम्’ एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन पाण्डुलिपियों को संरक्षित करना और उन्हें डिजिटल माध्यम से दस्तावेजीकृत करना है। इन पाण्डुलिपियों में भारतीय सभ्यता, परंपरा, विज्ञान, साहित्य और दर्शन से जुड़ा अमूल्य ज्ञान निहित है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।

इस अभियान के अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य ‘ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप’ के माध्यम से किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिवों को और शहरी क्षेत्रों में वार्ड मुहर्रिरों को सर्वेयर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे सर्वेक्षण कार्य को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान अधिकारियों को पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सर्वेक्षण प्रक्रिया और मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण में पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन, सूचीकरण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों को शामिल किया जाएगा, जैसे विद्यालय, महाविद्यालय, पुस्तकालय, संग्रहालय, शोध संस्थान, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरुकुल तथा निजी संग्रहकर्ताओं, पुरोहितों, ज्योतिषाचार्यों और विद्वानों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियां।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए और पाण्डुलिपियों का दस्तावेजीकरण संबंधित संग्रहकर्ताओं की सहमति से ही किया जाए।

यह अभियान न केवल बालोद जिले की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पूरे देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सहेजने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।